ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को युद्ध खत्म करने का एक नया प्रस्ताव भेजा था, जिसमें लेबनान समेत सभी मोर्चों पर शांति की बात कही गई थी। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्लान को खारिज कर दिया है, जिससे अब दोनों देशों के बीच फिर से टकराव की संभावना बढ़ गई है।
ℹ: Trump का बड़ा बयान, ईरान के जहाजों को पकड़ने को कहा ‘समुद्री डाका’, अब बढ़ा तनाव।
ईरान के शांति प्रस्ताव में क्या खास बातें थीं?
तसनीम न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक, ईरान ने अपने प्लान में कुछ बड़ी मांगें रखी थीं। इसमें अमेरिका और इसराइल से यह गारंटी मांगी गई थी कि वे दोबारा हमला नहीं करेंगे। साथ ही, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने और अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकेबंदी को हटाने की बात कही थी। ईरान का कहना था कि इसके बाद परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर बातचीत की जा सकती है, लेकिन वह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए यूरेनियम समृद्ध करने के अपने अधिकार पर अड़ा रहा।
डोनाल्ड ट्रंप का जवाब और बढ़ता खतरा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 1 और 2 मई 2026 को इस प्रस्ताव पर अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ईरान ऐसी मांगें कर रहा है जिनसे वह सहमत नहीं हो सकते। दूसरी तरफ, ईरान के सैन्य मुख्यालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद जाफर असदी ने चेतावनी दी है कि ट्रंप के इनकार के बाद दोबारा युद्ध शुरू होना मुमकिन है। उन्होंने कहा कि दुश्मन के लिए ऐसी योजनाएं तैयार हैं जो उनकी कल्पना से परे होंगी।
लेबनान के हालात और जलमार्ग का विवाद
भले ही 8 अप्रैल 2026 से एक अस्थायी युद्धविराम लागू है, लेकिन लेबनान में हिंसा जारी है। 1 मई को इसराइल के हमलों में कम से कम 12 लोग मारे गए, जिसकी लेबनान के संसद अध्यक्ष नबीह बेरी ने कड़ी निंदा की। इसके अलावा, अमेरिका ने शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान को कोई पैसा दिया, तो उन पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। कतर ने इस मामले में मध्यस्थता का समर्थन किया है और कहा है कि समुद्र में जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक के होनी चाहिए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध पूरी तरह खत्म हो गया है?
अमेरिका का दावा है कि 1 मई 2026 से सैन्य हमले बंद होने के कारण युद्ध तकनीकी रूप से खत्म हो गया है, लेकिन ईरान के सैन्य अधिकारियों ने फिर से टकराव की चेतावनी दी है।
ईरान ने शांति प्रस्ताव किसके जरिए भेजा था?
ईरान ने अपना प्रस्ताव पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुँचाया था।