अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए पाकिस्तान की मदद ली जा रही है. अमेरिका ने शांति के लिए एक नया प्रस्ताव भेजा है, जिस पर ईरान विचार कर रहा है. हालांकि, ईरान का कहना है कि अमेरिका की शर्तें बहुत ज्यादा और अवास्तविक हैं, जिससे समझौता करना मुश्किल हो रहा है.
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ईरान ने शांति के लिए क्या शर्तें रखी थीं?
ईरान ने 30 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को 14 बिंदुओं वाला एक शांति प्रस्ताव भेजा था. ईरान चाहता था कि युद्ध को 30 दिनों के भीतर पूरी तरह खत्म किया जाए. इस प्रस्ताव की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- गैर-आक्रमण समझौता: अमेरिका, ईरान और इसराइल के बीच एक ऐसा समझौता हो जिससे हमले रुकें.
- प्रतिबंधों की समाप्ति: अमेरिका ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए और उसके फ्रीज किए गए पैसे वापस करे.
- सेना की वापसी: अमेरिका अपनी सेना को इस क्षेत्र से पूरी तरह बाहर निकाले.
- समुद्री रास्ता: होर्मुज जलडमरूमध्य को धीरे-धीरे खोला जाए और ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म हो.
- परमाणु कार्यक्रम: ईरान ने यूरेनियम संवर्धन पर 15 साल का फ्रीज लगाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन बुनियादी ढांचे को हटाने से मना कर दिया.
अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का क्या रुख है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को स्वीकार करने से मना कर दिया है. ट्रंप का कहना है कि ईरान ने अभी तक अपनी गलतियों की बड़ी कीमत नहीं चुकाई है, इसलिए यह प्रस्ताव उनके लिए मंजूर नहीं है. अमेरिका वर्तमान में ‘Economic Fury’ कैंपेन चला रहा है, जिसका मकसद आर्थिक दबाव बनाकर ईरान को घुटनों पर लाना है. इसके अलावा, अमेरिका ‘Project Freedom’ के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को सुरक्षा देने की तैयारी कर रहा है.
पाकिस्तान की इस मामले में क्या भूमिका है?
पाकिस्तान इस समय ईरान और अमेरिका के बीच एक बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है. दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान पाकिस्तान के जरिए ही हो रहा है. 8 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की मध्यस्थता से ही शुरू में दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ था, जिसे बाद में आगे बढ़ाया गया. पाकिस्तान के पूर्व राजदूत मसूद खान ने बताया कि इस्लामाबाद सिर्फ संदेश नहीं पहुंचा रहा, बल्कि शांति लाने के लिए सक्रिय कोशिशें कर रहा है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और अमेरिका के बीच शांति प्रस्ताव कौन पहुंचा रहा है?
पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और अमेरिका का काउंटर-प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए ही ईरान तक पहुंचा है.
ईरान ने अपने 14 सूत्रीय प्रस्ताव में मुख्य रूप से क्या मांगा है?
ईरान ने 30 दिनों में युद्ध खत्म करने, अमेरिका द्वारा लगाए गए सभी प्रतिबंध हटाने, अमेरिकी सेना की वापसी और एक गैर-आक्रमण समझौते की मांग की है.