ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध खत्म करने की कोशिशें नाकाम होती दिख रही हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने शांति के लिए एक ऑफर दिया था जिसे उन्होंने बहुत उदार और जिम्मेदार बताया। लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। इस विवाद की वजह से अब दुनिया भर में तेल की कीमतों के बढ़ने का डर सता रहा है।
ईरान ने अपनी शांति डील में क्या माँगा था?
ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक अपनी बातें पहुँचाई थीं। ईरान की मुख्य माँगें इस प्रकार थीं:
- सभी मोर्चों पर युद्ध को तुरंत खत्म किया जाए, जिसमें लेबनान भी शामिल है।
- समुद्री नाकेबंदी को हटाया जाए और जहाजों को आने-जाने की आजादी मिले।
- अमेरिका ने ईरान की जो संपत्ति बैंकों में जमा की है, उसे वापस लौटाया जाए।
- युद्ध से हुए नुकसान के लिए ईरान को मुआवजा दिया जाए।
- Strait of Hormuz पर ईरान की संप्रभुता को मान्यता दी जाए।
अमेरिका ने क्यों कहा कि यह ऑफर मंजूर नहीं है?
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर इस प्रस्ताव को पूरी तरह से नामंजूर कर दिया। ट्रंप ने इसे बिल्कुल अस्वीकार्य बताया। दरअसल अमेरिका ने पहले एक 14 पॉइंट्स वाला प्लान दिया था जिसमें ईरान के परमाणु प्रोग्राम को लेकर सख्त शर्तें थीं। अमेरिका चाहता था कि पहले युद्ध रुके और फिर परमाणु मुद्दों पर बात हो, लेकिन ईरान की शर्तों से वह सहमत नहीं हुआ।
आम आदमी और दुनिया पर इसका क्या असर होगा?
इस झगड़े का सबसे बड़ा असर तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। Strait of Hormuz के रास्ते तेल के जहाज गुजरते हैं, लेकिन अमेरिका ने वहां नाकेबंदी कर रखी है। अगर यह विवाद लंबा खिंचा तो तेल के दाम बढ़ सकते हैं जिससे पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ेगी। इस मामले को सुलझाने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और कतर के प्रधानमंत्री बीच-बचाव की कोशिश कर रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
तेल की कीमतें बढ़ने का खतरा क्यों है?
अमेरिका ने Strait of Hormuz में नाकेबंदी कर रखी है। यह रास्ता तेल के जहाजों के लिए बहुत जरूरी है, इसलिए वहां तनाव बढ़ने से तेल की सप्लाई प्रभावित होगी और दाम बढ़ सकते हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत कौन करवा रहा है?
पाकिस्तान और कतर इस विवाद को सुलझाने के लिए बिचौलिये का काम कर रहे हैं। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने ईरान का जवाब अमेरिका तक पहुँचाने की पुष्टि की है।
