अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए एक बार फिर नई कोशिशें शुरू हुई हैं। ईरान इस समय पाकिस्तान के जरिए अमेरिका से मिले शांति प्रस्तावों की बारीकी से जांच कर रहा है। जहां एक तरफ शांति की बातें हो रही हैं, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी है, जिससे पूरी दुनिया की नजरें इस डील पर टिकी हैं।

शांति प्रस्ताव में क्या है और ईरान की मांगें क्या हैं?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने 20 और 21 मई 2026 को यह साफ किया कि उन्हें अमेरिकी पक्ष के विचार मिल चुके हैं और उनकी समीक्षा की जा रही है। बताया जा रहा है कि अमेरिका ने इस बार पिछले प्रस्तावों के मुकाबले बेहतर ऑफर दिए हैं, जिसमें ईरान की जमी हुई संपत्ति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से जुड़ी बातें शामिल हैं।

  • ईरान की शर्तें: ईरान चाहता है कि विदेशों में उसकी जमा संपत्ति वापस मिले और उसके बंदरगाहों की नाकाबंदी खत्म हो।
  • मुख्य मांग: ईरान ने जोर दिया है कि अमेरिका को अपने सभी प्रतिबंध पूरी तरह हटाने होंगे।
  • राष्ट्रपति का बयान: ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा कि बातचीत करने का मतलब सरेंडर करना नहीं है और उन्होंने युद्ध रोकने के लिए सभी रास्ते खुले रखे हैं।

पाकिस्तान की भूमिका और अमेरिका की सैन्य चेतावनी

इस पूरे मामले में पाकिस्तान एक मुख्य बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री Mohsin Naqvi 20-21 मई को दोबारा तेहरान गए ताकि दोनों देशों के बीच संदेश पहुंचा सकें। साथ ही पाकिस्तान के आर्मी चीफ Field Marshal Asim Munir के भी तेहरान पहुंचने की उम्मीद है।

दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि बातचीत आखिरी दौर में है, लेकिन उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर डील नहीं हुई तो बहुत बड़ी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। इसी बीच, US Central Command (CENTCOM) ने ओमान की खाड़ी में एक ईरानी तेल टैंकर को रोका और उसे दूसरी दिशा में मोड़ दिया, जिसे बंदरगाहों की नाकाबंदी के उल्लंघन का मामला माना गया।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पर नया नियम और तेल की कीमतों का असर

शांति वार्ताओं के बीच ईरान ने 21 मई को Persian Gulf Strait Authority (PGSA) नाम की एक नई संस्था शुरू की है। यह संस्था Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की ट्रैफिक को मैनेज करेगी और ईरान इस रास्ते पर अपनी संप्रभुता चाहता है।

इस राजनीतिक हलचल का असर ग्लोबल मार्केट पर भी दिखा। शांति समझौते की उम्मीदों की वजह से 20 मई को दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इसराइल ने फिर से हमला किया, तो इसका असर पूरे क्षेत्र से बाहर तक जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है?

अभी समझौता नहीं हुआ है, लेकिन ईरान अमेरिका द्वारा पाकिस्तान के जरिए भेजे गए नए शांति प्रस्तावों की जांच कर रहा है।

इस डील में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ है। इसके आंतरिक मंत्री और आर्मी चीफ तेहरान जाकर दोनों देशों के बीच बातचीत और संदेशों का आदान-प्रदान करवा रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.