ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच एक बार फिर शांति बातचीत शुरू होने की उम्मीद जगी है। ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA ने दावा किया है कि अगर बातचीत दोबारा शुरू हुई तो तेहरान की स्थिति पहले से ज़्यादा मज़बूत रहेगी। इस बीच अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी है जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण बना हुआ है।

क्या दोबारा शुरू होगी शांति बातचीत और क्या है ताज़ा अपडेट

दोनों देशों की बातचीत की टीमें इस हफ्ते के अंत तक दोबारा पाकिस्तान के इस्लामाबाद जा सकती हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि अगले दो दिनों में बातचीत शुरू हो सकती है। वहीं फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी गलतफहमियों को दूर करने के लिए बातचीत फिर से शुरू करने की सलाह दी है। चीन ने अमेरिका द्वारा लगाए गए समुद्री नाकाबंदी को खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना बताया है।

बातचीत क्यों नहीं बन पाई और ईरान की क्या शर्तें हैं

11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई थी। ईरान का कहना है कि अमेरिका की मांगें बहुत ज़्यादा थीं और उसमें नेक नीयती की कमी थी। ईरान ने अपनी दो मुख्य शर्तें रखी हैं, जिनमें लेबनान में युद्धविराम और अपने फ्रीज किए गए पैसों की वापसी शामिल है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने परमाणु कार्यक्रम को 20 साल तक रोकने के प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया है।

प्रमुख घटनाक्रमों की पूरी जानकारी

तारीख मुख्य घटना
8 अप्रैल 2026 पाकिस्तान की मदद से दोनों देशों के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ
10 अप्रैल 2026 ईरान ने संपत्ति वापसी और लेबनान युद्धविराम की शर्त रखी
11-12 अप्रैल 2026 इस्लामाबाद में बातचीत हुई लेकिन किसी समझौते पर सहमति नहीं बनी
13 अप्रैल 2026 अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी
14 अप्रैल 2026 IRNA ने कहा कि बातचीत शुरू होने पर ईरान का हाथ मज़बूत होगा