इस्लामाबाद में आमने-सामने होंगे अमेरिका और ईरान, गालिबाफ करेंगे प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व, पाकिस्तान करा रहा है बड़ी सुलह.
ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक बेहद महत्वपूर्ण कूटनीतिक बैठक होने जा रही है. इस बैठक में ईरान की तरफ से संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे. पाकिस्तान ने इस बातचीत के लिए दोनों देशों को आमंत्रित किया है, जो 10 अप्रैल 2026 को शुरू होने वाली है. अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में घोषित हुए दो सप्ताह के संघर्षविराम के बाद यह पहली सीधी वार्ता होगी जिससे क्षेत्र में शांति की उम्मीद जगी है.
📰: Spain ने ईरान में फिर से खोला अपना दूतावास, शांति की उम्मीद में Foreign Minister ने लिया बड़ा फैसला।
बैठक से जुड़ी कुछ मुख्य जानकारियां और अधिकारी
इस वार्ता को सफल बनाने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और चीन ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. बैठक के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं और इस्लामाबाद के कई रास्तों को बंद कर दिया गया है ताकि सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| वार्ता की तारीख | 10 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) |
| ईरानी प्रतिनिधिमंडल | Mohammad Bagher Ghalibaf और अब्बास अरागची |
| अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल | उपराष्ट्रपति JD Vance और स्टीव विटकॉफ |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान और चीन |
| संघर्षविराम की अवधि | दो सप्ताह (8 अप्रैल से प्रभावी) |
ईरान की नाराजगी और वार्ता में पैदा हुई रुकावटें
ईरानी संसद अध्यक्ष गालिबाफ ने इस वार्ता को लेकर कुछ गंभीर आपत्तियां भी जताई हैं. उनका कहना है कि अमेरिका की तरफ से कुछ शर्तों का उल्लंघन हुआ है क्योंकि लेबनान में इजरायल के हमले नहीं रुके हैं और यूरेनियम संवर्धन के ईरान के अधिकार को भी स्वीकार नहीं किया गया है. ईरान ने विरोध के तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तेल टैंकरों की आवाजाही पर भी रोक लगा दी है. हालांकि ईरान के राजदूत ने स्पष्ट किया है कि इन तमाम संदेहों के बावजूद उनका प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचेगा ताकि शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके.





