ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष को रोकने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बड़ी हलचल शुरू हो गई है। ईरान का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल गुरुवार रात को यहां पहुंच रहा है, जिसकी पुष्टि ईरान के राजदूत रज़ा अमीरी मोघदाम ने की है। यह बातचीत पाकिस्तान द्वारा मध्यस्थता किए गए दो सप्ताह के युद्धविराम के बाद हो रही है। इस महत्वपूर्ण चर्चा के लिए इस्लामाबाद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसमें शामिल होने वाले सभी देशों का स्वागत किया है।

शांति वार्ता का शेड्यूल और मुख्य एजेंडा क्या है?

ईरान के राजदूत ने बताया है कि यह बातचीत ईरान की ओर से प्रस्तावित 10 बिंदुओं पर आधारित होगी। 10 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत शुरू होगी, जबकि शनिवार को औपचारिक वार्ता होने की उम्मीद है। पाकिस्तान सरकार ने इस बैठक की गंभीरता को देखते हुए 9 और 10 अप्रैल को शहर में सार्वजनिक छुट्टी घोषित की है। अमेरिका ने पहले ही एक 30 सदस्यीय टीम सुरक्षा समीक्षा के लिए इस्लामाबाद भेज दी है ताकि बातचीत के दौरान सुरक्षा पुख्ता रहे।

बैठक में शामिल होने वाले मुख्य सदस्य और शर्तें

इस वार्ता में दोनों देशों के बेहद प्रभावशाली नेता हिस्सा ले रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि जब तक समझौता पूरी तरह लागू नहीं होता, अमेरिकी सेना ईरान के आसपास मौजूद रहेगी। उन्होंने परमाणु हथियारों की मनाही और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की शर्त रखी है। ओमान के विदेश मंत्रालय ने भी इस पहल का स्वागत किया है और पाकिस्तान के प्रयासों की तारीफ की है। हालांकि ईरान ने इजरायल द्वारा युद्धविराम के उल्लंघन की खबरों पर चिंता जताई है।

देश प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व और मुख्य सदस्य
ईरान विदेश मंत्री अब्बास अरागची और संसदीय अध्यक्ष बाकिर गालिबफ
अमेरिका उप-राष्ट्रपति JD Vance, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर
पाकिस्तान विदेश मंत्री इशाक डार (मेजबान और मध्यस्थ)
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.