अमेरिका और ईरान के बीच कई दशकों बाद पहली बार सीधी और उच्च स्तरीय बातचीत शुरू हुई है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में चल रही इन शांति वार्ताओं के बीच ईरान की राजधानी तेहरान में सरकार के समर्थन में एक बड़ी रैली निकाली गई। पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ये बातचीत युद्ध को रोकने में कामयाब होगी या तनाव और बढ़ेगा।

इस शांति वार्ता में कौन से मुख्य लोग शामिल हैं?

इस बड़ी बैठक को सफल बनाने के लिए पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। बातचीत में दोनों देशों के बड़े नेता और अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं, जिसकी लिस्ट नीचे दी गई है।

पक्ष/देश प्रमुख प्रतिनिधि
अमेरिका (US) राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर
ईरान (Iran) विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर कालिबाफ
पाकिस्तान (Mediator) प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर

दोनों देशों के बीच किन मांगों को लेकर विवाद है?

बातचीत के दौरान कई मुद्दों पर गहरी असहमति सामने आई है। ईरान ने अपनी जमी हुई 6 अरब डॉलर की संपत्ति वापस मांगी है और साथ ही लेबनान में हिजबुल्लाह पर हो रहे इजरायली हमलों को रोकने की मांग की है। अमेरिका का मुख्य जोर ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने और यूरेनियम संवर्धन को पूरी तरह बंद कराने पर है।

  • होर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान इस रास्ते पर अपना नियंत्रण चाहता है और ट्रांजिट फीस लेने की बात कह रहा है, जबकि अमेरिका इसे पूरी तरह खोलने की मांग कर रहा है।
  • परमाणु कार्यक्रम: ट्रंप ने साफ किया है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने दिए जाएंगे।
  • लेबनान मुद्दा: ईरान चाहता है कि किसी भी समझौते में लेबनान में युद्धविराम शामिल हो, लेकिन इजरायल ने इसे मानने से इनकार कर दिया है।

अभी ताजा हालात क्या हैं और आगे क्या होगा?

11 अप्रैल को शुरू हुई ये बातचीत 12 अप्रैल की सुबह कुछ समय के लिए रोक दी गई है क्योंकि गंभीर मतभेद बने हुए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ये बातचीत नाकाम रही तो ईरान पर फिर से हमले शुरू किए जाएंगे। वहीं ईरान के सुरक्षा परिषद ने कहा है कि वे अमेरिकी पक्ष पर पूरा अविश्वास रखते हैं और किसी भी गलती का जवाब पूरी ताकत से देंगे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.