ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते के लिए बातचीत का दौर शुरू हो गया है। ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf इस बातचीत के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंचे। दोनों देशों के बीच पिछले दो हफ्तों से युद्धविराम चल रहा है और अब इस तनाव को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।

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बातचीत के लिए ईरान ने क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान के स्पीकर गालिबाफ ने साफ किया है कि औपचारिक बातचीत शुरू होने से पहले दो मुख्य शर्तें पूरी होनी चाहिए। पहली शर्त लेबनान में युद्धविराम होना है और दूसरी शर्त ईरान की रुकी हुई संपत्तियों को वापस जारी करना है। उन्होंने कहा कि ईरान की नीयत अच्छी है लेकिन अमेरिका पर भरोसा करना मुश्किल है क्योंकि पुराने अनुभवों में अमेरिकी वादे टूटे हैं।

अमेरिका और पाकिस्तान का इस पर क्या कहना है?

अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति JD Vance इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी है कि वह बातचीत के दौरान अमेरिका को गुमराह न करे। वहीं राष्ट्रपति Donald Trump ने शांति समझौते को लेकर उम्मीद जताई है लेकिन साथ ही चेतावनी दी है कि अगर डील नहीं हुई तो ईरान को भारी नुकसान झेलना पड़ेगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इन वार्तालापों को बहुत महत्वपूर्ण बताया है।

देश प्रमुख प्रतिनिधि और नेता
ईरान Mohammad Bagher Ghalibaf, Abbas Araghchi, Ali Akbar Ahmadian, Abdolnaser Hemmati
अमेरिका JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner, Donald Trump
पाकिस्तान Shehbaz Sharif, Asim Munir, Ishaq Dar
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.