ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कालिबाफ एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान के इस्लामाबाद पहुंचे. इस यात्रा की सबसे भावुक बात यह रही कि विमान की सीटों पर उन बच्चों की तस्वीरें, स्कूल बैग और फूल रखे थे, जिनकी मौत मिनाब शहर के स्कूल हमले में हुई थी. यह पूरा घटनाक्रम अमेरिका के साथ होने वाली शांति वार्ता से पहले दुनिया का ध्यान खींच रहा है.

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मिनाब स्कूल हमले का दर्द और ईरान का विरोध

ईरान ने इस यात्रा को एक प्रतीकात्मक रूप दिया है. 28 फरवरी 2026 को मिनाब शहर के एक प्राइमरी स्कूल पर हमला हुआ था, जिसमें करीब 168 बच्चों और स्टाफ की जान चली गई थी. ईरान ने इस हमले के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि अमेरिका इसे जांचने की बात कह रहा है. इसी दुख को याद करने के लिए विमान का नाम ‘मीनाब-168’ रखा गया और प्रतिनिधिमंडल के सभी सदस्य काले सूट पहनकर पहुंचे.

इस्लामाबाद में कौन-कौन ले रहा है हिस्सा

शनिवार को इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता होनी है. इस बैठक में दोनों देशों के बड़े नेता शामिल होंगे:

प्रतिनिधिमंडल प्रमुख सदस्य
ईरानी दल स्पीकर मोहम्मद बाघेर कालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची (कुल 70-71 सदस्य)
अमेरिकी दल उपराष्ट्रपति जेडी वैंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर

स्पीकर कालिबाफ की भावुक पोस्ट और संदेश

विमान के अंदर का नजारा देखकर स्पीकर कालिबाफ भावुक हो गए. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर फोटो शेयर करते हुए इन बच्चों को अपनी यात्रा का साथी बताया. कालिबाफ ने कहा कि ये बच्चे इस सफर में उनके साथ हैं. हालांकि उन्होंने शांति की उम्मीद जताई, लेकिन यह भी कहा कि इस संघर्ष का गहरा असर आने वाले कई दशकों तक महसूस किया जाएगा.