ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव अब कम होता दिख रहा है। ईरान ने शांति के लिए बातचीत का रास्ता चुना है और अमेरिका ने भी इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं। दुनिया की नजरें अब इस बात पर हैं कि क्या वाकई इस क्षेत्र में लंबे समय बाद शांति आएगी और युद्ध जैसी स्थिति खत्म होगी।
ईरान की शांति योजना और राजनयिक कोशिशें क्या हैं?
ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को 14 बिंदुओं वाला एक शांति प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव में मांग की गई है कि 30 दिनों के भीतर युद्ध खत्म किया जाए और अमेरिका हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नौसैनिक नाकाबंदी हटा ले। साथ ही, ईरान ने अपने फ्रीज किए गए पैसों को वापस लेने और प्रतिबंधों को हटाने की बात कही है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने चीन के विदेश मंत्री Wang Yi और सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan से भी बातचीत की है ताकि क्षेत्रीय तनाव को कम किया जा सके।
अमेरिका का फैसला और दुनिया के देशों की क्या राय है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ‘Project Freedom’ नाम के नौसैनिक ऑपरेशन को कुछ समय के लिए रोकने का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि ईरान के साथ शांति वार्ता में अच्छी प्रगति हुई है। वहीं चीन ने भी ईरान की संप्रभुता का समर्थन किया है और कहा है कि बातचीत ही समस्या का एकमात्र समाधान है। चीन ने ईरान से अपील की है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द दोबारा खोला जाए। पाकिस्तान ने भी ट्रंप के फैसले की सराहना की है और इसे क्षेत्रीय शांति की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
शांति समझौते के लिए ईरान की मुख्य शर्तें
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| युद्ध का अंत | 30 दिनों के भीतर युद्ध बंद हो |
| नौसैनिक नाकाबंदी | Strait of Hormuz से अमेरिकी नाकाबंदी हटे |
| संपत्ति और प्रतिबंध | फ्रीज किए गए एसेट वापस मिलें और सैंक्शन हटें |
| परमाणु बातचीत | न्यूक्लियर टॉक्स को फिलहाल के लिए टाला जाए |
Frequently Asked Questions (FAQs)
Project Freedom क्या है और इसे क्यों रोका गया?
यह हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिका का एक नौसैनिक ऑपरेशन था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे इसलिए रोका क्योंकि ईरान के साथ शांति वार्ता में अच्छी प्रगति हुई है।
शांति वार्ता में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?
पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच एक मध्यस्थ (Intermediary) के रूप में काम कर रहा है। ईरान ने अपना 14-सूत्रीय शांति प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए ही वाशिंगटन भेजा है।