ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. ईरान ने अपनी 14 सूत्रीय योजना अमेरिका भेजी थी, जिसे डोनाल्ड ट्रंप ने सीधे तौर पर खारिज कर दिया. अब अमेरिका ने Strait of Hormuz में अपनी सेना तैनात कर दी है, जिससे पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई है और युद्ध का खतरा मंडराने लगा है.
अमेरिका ने ईरान के प्रस्ताव को क्यों ठुकराया?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने रविवार को बताया कि पाकिस्तान के जरिए उन्हें वॉशिंगटन का जवाब मिल गया है और वे इसकी समीक्षा कर रहे हैं. ईरान का यह प्रस्ताव मुख्य रूप से लेबनान सहित क्षेत्रीय संघर्षों को खत्म करने के लिए था. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे स्वीकार करने से मना कर दिया और इसे अस्वीकार्य बताया. ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अभी तक पर्याप्त कीमत नहीं चुकाई है और उनके पास या तो हमला करने या समझौता करने का विकल्प है.
क्या है ‘Project Freedom’ और इससे क्या खतरा है?
4 मई को राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘Project Freedom’ नाम के एक बड़े ऑपरेशन की घोषणा की. इस मिशन के तहत 15,000 जवान और 100 से ज्यादा विमान Strait of Hormuz में तैनात किए गए हैं ताकि वहां फंसे जहाजों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके. ईरान की संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख Ebrahim Azizi ने साफ कहा है कि अमेरिका की यह कार्रवाई युद्धविराम का उल्लंघन मानी जाएगी. इससे पहले रविवार को इस इलाके में एक मालवाहक जहाज पर छोटे जहाजों द्वारा हमला किए जाने की खबर भी आई थी.
क्या ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर बात करने को तैयार है?
शुरुआती दौर में ईरान ने परमाणु मुद्दों पर चर्चा करने से मना कर दिया था. हालांकि, हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने अपना रुख थोड़ा नरम किया है. नए प्रस्ताव में ईरान ने यूरेनियम संवर्धन को 3.5% तक सीमित करने और अपने मौजूदा स्टॉक को धीरे-धीरे कम करने की बात कही है. इसके बदले में ईरान चाहता है कि अमेरिका अपनी नाकेबंदी हटा ले, सीमाओं के पास सेना की तैनाती कम करे और भविष्य में हमलों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गारंटी दे.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Project Freedom क्या है और इसमें कितने सैनिक शामिल हैं
Project Freedom अमेरिका का एक सैन्य ऑपरेशन है जिसे 4 मई को शुरू किया गया. इसमें 15,000 सैनिक और 100 से ज्यादा विमान शामिल हैं, जिनका काम Strait of Hormuz से फंसे जहाजों को बाहर निकालना है.
ईरान ने अपने नए प्रस्ताव में परमाणु कार्यक्रम को लेकर क्या कहा है
ईरान ने यूरेनियम संवर्धन को 3.5% तक सीमित करने और स्टॉक कम करने का प्रस्ताव दिया है, बशर्ते अमेरिका अमेरिकी नाकेबंदी हटा ले और अंतरराष्ट्रीय गारंटी दे.