ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत का नया दौर शुरू हुआ है। ईरान ने अमेरिका के सामने एक नया प्रस्ताव रखा है जिसमें प्रतिबंध हटाने और जाम हुए पैसों को छोड़ने की मांग की गई है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होने वाले एक सैन्य हमले को फिलहाल टाल दिया है।
ईरान की नई शर्तों में क्या-क्या शामिल है?
ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री काज़ेम गरीबबादी ने बताया कि उन्होंने अमेरिका को 14 बिंदुओं वाला एक संशोधित प्लान भेजा है। इस प्रस्ताव में मुख्य रूप से ये मांगें रखी गई हैं:
- प्रतिबंधों की समाप्ति: ईरान पर लगे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाया जाए।
- फ्रीज फंड की वापसी: ईरान के जो पैसे विदेशों में जाम हैं, उन्हें वापस किया जाए।
- ब्लॉकड का अंत: समुद्री नाकाबंदी को खत्म किया जाए।
- सेना की वापसी: ईरान के पास वाले इलाकों से अमेरिकी सेना बाहर निकले।
- युद्ध विराम: लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म हो और तबाही का मुआवजा दिया जाए।
ट्रंप ने हमला क्यों रोका और किन देशों ने की मदद?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि उन्होंने मंगलवार (20 मई) को ईरान पर होने वाले एक सैन्य हमले को रोक दिया है। यह फैसला उन्होंने कतर, सऊदी अरब और यूएई (UAE) के नेताओं के अनुरोध पर लिया है। ट्रंप के मुताबिक अब गंभीर बातचीत चल रही है और एक समझौते की बहुत अच्छी संभावना है। इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और दोनों देशों के बीच संदेश पहुँचा रहा है।
अभी बातचीत की क्या स्थिति है?
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने साफ किया है कि बातचीत करने का मतलब आत्मसमर्पण करना नहीं है और ईरान अपने कानूनी अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा। वहीं अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि बिना किसी ठोस कदम के प्रतिबंध नहीं हटाए जाएंगे। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ईरान के जाम पैसों का एक चौथाई हिस्सा छोड़ने और शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियों पर लचीला रुख अपनाने के लिए तैयार हो सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने अमेरिका से मुख्य रूप से क्या मांगा है?
ईरान ने प्रतिबंध हटाने, जाम हुए फंड्स को रिलीज करने, समुद्री नाकाबंदी खत्म करने और लेबनान में युद्ध रोकने की मांग की है।
अमेरिका ने ईरान पर हमला क्यों नहीं किया?
कतर, सऊदी अरब और यूएई के नेताओं के अनुरोध पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य हमले को टाल दिया ताकि बातचीत के जरिए समाधान निकल सके।
