अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. अमेरिकी नौसेना ने ओमान के समुद्र में ईरान के एक मालवाहक जहाज ‘Toska’ को जबरन जब्त कर लिया है, जिसे ईरान ने ‘समुद्री डकैती’ बताया है. इस घटना के बाद ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो विदेशी जहाजों को अपने कब्जे में ले लिया है.

अमेरिका ने ईरानी जहाज ‘Toska’ को कैसे पकड़ा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जानकारी दी कि USS Spruance नाम के डिस्ट्रॉयर ने ईरानी जहाज ‘Toska’ को रोका था. ट्रंप के मुताबिक, यह जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों की सूची में था और नेवल ब्लॉकेड को पार करने की कोशिश कर रहा था. जब जहाज के चालक दल ने चेतावनी नहीं मानी, तो अमेरिकी सेना ने इंजन रूम में हमला कर उसे रोक लिया और अमेरिकी मरीन ने जहाज का कंट्रोल ले लिया.

ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई पर क्या प्रतिक्रिया दी?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका की इस हरकत को अंतरराष्ट्रीय कानून और सीजफायर समझौते का खुला उल्लंघन बताया. ईरान के स्थायी मिशन ने संयुक्त राष्ट्र (UN) को पत्र लिखकर इसे एक शत्रुतापूर्ण और गैरकानूनी कदम करार दिया है. IRGC के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल एब्राहिम ज़ोल्फघारी ने ऐलान किया कि चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित होने के बाद ईरान जल्द ही अमेरिका को मुंहतोड़ जवाब देगा.

ईरान ने किन जहाजों को जब्त किया और क्यों?

तनाव बढ़ने के बाद 22 अप्रैल 2026 को IRGC ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में दो विदेशी जहाजों, MSC-FRANCESCA और EPAMINODES को जब्त कर लिया. ईरान का कहना है कि इन जहाजों ने नेविगेशन नियमों का उल्लंघन किया था और समुद्री सुरक्षा को खतरे में डाला था. फिलहाल इन दोनों जहाजों को जांच के लिए ईरानी क्षेत्रीय जल सीमा में ले जाया गया है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.