ईरान और अमेरिका के बीच Strait of Hormuz में तनाव बहुत बढ़ गया है। दोनों देश एक-दूसरे के जहाजों को पकड़ रहे हैं और उन पर हमले कर रहे हैं। व्हाइट हाउस का कहना है कि समझौता करीब है, लेकिन ईरान इसे एक खतरनाक सैन्य रोमांच बता रहा है।

Strait of Hormuz में क्या हुआ और अमेरिका ने क्या कहा?

9 मई 2026 को अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर जवाबी हमले किए। राष्ट्रपति Donald Trump ने इन हमलों को सिर्फ एक ‘लव टैप’ बताया। US Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की कि ये हमले आत्मरक्षा में किए गए क्योंकि ईरानी सेना ने तीन अमेरिकी नेवी डिस्ट्रॉयर्स को निशाना बनाया था। विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर अमेरिका को खतरा हुआ तो ईरान को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

ईरान का जवाब और नए नियम क्या हैं?

ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने और आतंकवाद का आरोप लगाया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी सेना ने उनके दो तेल टैंकरों और तटीय इलाकों पर हमला किया। इस भिड़ंत में ईरान के 10 नाविक घायल हुए और 5 लापता बताए जा रहे हैं। वहीं, 7 मई 2026 से ईरान ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं, जिसमें जहाजों से विस्तृत जानकारी मांगी जा रही है।

जहाजों की जब्ती और Naval Blockade का मामला क्या है?

अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरानी बंदरगाहों की Naval Blockade शुरू की है। इसका मतलब है कि किसी भी देश का जहाज ईरान के बंदरगाहों में नहीं जा सकेगा। 19 अप्रैल को अमेरिका ने Touska नाम का एक ईरानी कार्गो जहाज पकड़ा था। दूसरी तरफ, ईरान ने भी MSC Francesca और Epaminondas जैसे कंटेनर जहाजों को जब्त किया है। UN Secretary-General Antonio Guterres ने दोनों देशों से संयम बरतने और मामला शांत करने की अपील की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz में क्या विवाद चल रहा है?

ईरान और अमेरिका एक-दूसरे के जहाजों को जब्त कर रहे हैं और सैन्य हमले कर रहे हैं। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की है, जबकि ईरान ने जहाजों के लिए नए नियम लागू किए हैं।

क्या यह मामला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है?

UNCLOS कानून के तहत अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में जहाजों को बिना अनुमति गुजरने का अधिकार है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के नए नियम और दोनों देशों द्वारा जहाजों की जब्ती अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है।