US और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने दावा किया कि उसके दो युद्धपोत होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरे हैं, लेकिन ईरान ने इस बात को पूरी तरह गलत बताया है। यह पूरा मामला तब सामने आया जब दोनों देश शांति वार्ता कर रहे हैं और दुनिया की नजरें इस समुद्री रास्ते पर टिकी हैं।

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ईरान और अमेरिका के बीच विवाद क्या है?

ईरान की सेना के खतम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने अमेरिकी दावे को सिरे से खारिज कर दिया। ईरान का कहना है कि उनके इलाके में किसी भी जहाज के आने-जाने का फैसला सिर्फ ईरान की सेना ही करती है। दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि उनके दो गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक जहाज, USS Frank E. Peterson और USS Michael Murphy, 11 अप्रैल 2026 को इस रास्ते से गुजरे थे।

अमेरिकी जहाजों के वहां जाने का कारण क्या था?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री बारूदी सुरंगों (mines) को हटाने का काम शुरू कर दिया है। CENTCOM के मुताबिक, यह मिशन इसलिए चलाया गया ताकि इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके। यह पहली बार है जब इस युद्ध की शुरुआत के बाद अमेरिकी नौसेना के जहाजों ने ऐसा कदम उठाया है।

शांति वार्ता और युद्ध विराम का क्या असर होगा?

अमेरिकी और ईरानी अधिकारी इस समय पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता कर रहे हैं ताकि फरवरी 2026 से शुरू हुए युद्ध को खत्म किया जा सके। 8 अप्रैल 2026 को दोनों देशों के बीच दो हफ्ते के लिए युद्ध विराम (ceasefire) हुआ था। इस समझौते में ईरान ने व्यापारिक जहाजों के लिए रास्ता खोलने का वादा किया था, लेकिन समुद्री डेटा से पता चला कि जहाजों की आवाजाही अभी भी बहुत कम है।