ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते ‘Strait of Hormuz’ पर अपना कंट्रोल कर लिया है और वहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए टोल वसूलने का फैसला किया है। इस वजह से हजारों जहाज और उनके चालक दल बीच रास्ते में फंसे हुए हैं, जिससे पूरी दुनिया के तेल व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है।

ईरान के नए नियम और फंसे हुए जहाज

ईरान सरकार ने Persian Gulf Strait Authority (PGSA) नाम की एक नई एजेंसी बनाई है। अब इस जलमार्ग से गुजरने वाले हर कमर्शियल जहाज को ईरान से अनुमति लेनी होगी और टोल टैक्स देना होगा। इस नए नियम की वजह से करीब 1,500 कमर्शियल जहाज और 20,000 क्रू मेंबर्स फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। समुद्री कानून के एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक इस रास्ते पर ऐसी पाबंदियां नहीं लगाई जा सकतीं।

UAE पर हमला और अमेरिका की चेतावनी

तनाव के बीच 8 मई की सुबह UAE के एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की तरफ से आई बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन बीच हवा में ही रोक दिए। इससे ठीक पहले 7 मई को अमेरिकी नेवी के तीन जहाजों पर हमले के बाद अमेरिका ने भी ईरान के बंदर अब्बास और केशम के मिलिट्री ठिकानों पर जवाबी हमले किए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि वह समझौता चाहते हैं, लेकिन अगर ईरान ने जल्द हामी नहीं भरी तो वह और भी बड़े सैन्य हमले का आदेश दे सकते हैं।

क्या युद्ध रुकेगा? डील की क्या हैं शर्तें

पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि इस वीकेंड तक एक अंतरिम समझौता हो सकता है। प्रस्तावित डील की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • ईरान जलमार्ग पर लगी सभी पाबंदियां हटाएगा।
  • अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करेगा।
  • ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम (Nuclear Enrichment) पर रोक लगाएगा।
  • अमेरिका ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाएगा।

अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान अमेरिकी नाकेबंदी को करीब तीन से चार महीने तक झेल सकता है, जिसके बाद उसे भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz में अभी क्या स्थिति है?

ईरान ने PGSA एजेंसी बनाई है जो अब जहाजों से टोल वसूलेगी। इस वजह से करीब 1,500 जहाज और 20,000 चालक दल सदस्य वहां फंसे हुए हैं।

UAE और अमेरिका के बीच क्या सैन्य कार्रवाई हुई?

8 मई को UAE ने ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया और 7 मई को अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास और केशम में सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए।