ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव बहुत बढ़ गया है। ईरान का दावा है कि उसने एक अमेरिकी युद्धपोत को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया, जबकि अमेरिका ने इन बातों को सिरे से खारिज कर दिया है। इसी बीच पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ की शुरुआत की है ताकि फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सके।
क्या है प्रोजेक्ट फ्रीडम और अमेरिका का दावा?
डोनाल्ड ट्रंप ने प्रोजेक्ट फ्रीडम को एक मानवीय मिशन बताया है। इसका मकसद उन जहाजों को रास्ता दिखाना है जो इस इलाके में फंसे हुए थे। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, इस मिशन के तहत दो अमेरिकी व्यापारिक जहाज सफलतापूर्वक जलडमरूमध्य से गुजर चुके हैं। एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि इस ऑपरेशन में 15,000 सैनिक, 100 से ज्यादा विमान और गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर तैनात किए गए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने साफ कहा कि इस समुद्री रास्ते पर पूरी तरह अमेरिका का कंट्रोल है।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या विवाद हुआ?
- ईरान का दावा: ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि उनके नेवी ने एक अमेरिकी युद्धपोत पर मिसाइल दागी, जिससे उसे वापस मुड़ना पड़ा। ईरानी कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी कि जो भी विदेशी ताकत इस इलाके में घुसेगी, उस पर हमला होगा।
- अमेरिका का जवाब: CENTCOM के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने ईरान के दावों को झूठ बताया है। अमेरिका का कहना है कि उनके किसी भी युद्धपोत पर हमला नहीं हुआ।
- सैन्य कार्रवाई: अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उन्होंने ईरान की 6 छोटी नावों को पूरी तरह तबाह कर दिया और कई मिसाइलों व ड्रोन्स को हवा में ही रोक दिया।
UAE और अन्य देशों पर क्या असर पड़ा?
इस लड़ाई का असर आसपास के देशों पर भी दिख रहा है। UAE सरकार ने जानकारी दी कि ईरान की तरफ से आई 3 मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया गया और वहां ड्रोन हमले भी हुए। वहीं एक दक्षिण कोरियाई जहाज में विस्फोट और आग लगने की खबर आई है, जिसे ईरान ने निशाना बनाया था। अमेरिका के राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने कहा कि वे बहरीन और अन्य खाड़ी देशों के साथ मिलकर इस मामले को यूएन सिक्योरिटी काउंसिल (UN Security Council) में ले जाएंगे ताकि ईरान की हरकतों को रोका जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रोजेक्ट फ्रीडम क्या है?
यह डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किया गया एक मिशन है, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिखाना और उन्हें वहां से बाहर निकालना है।
क्या UAE पर भी हमले हुए?
हां, UAE ने रिपोर्ट किया कि ईरान की तरफ से आए तीन मिसाइलों को रोका गया और वहां ड्रोन हमलों का सामना भी करना पड़ा।