ईरान और अमेरिका के बीच एक बड़े समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से व्यावसायिक जहाजों के लिए खोल दिया गया है. अब ईरान इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को जल्द से जल्द ट्रांजिट परमिट जारी करेगा. इस फैसले से समुद्री व्यापार में फिर से हलचल शुरू हो गई है और कई जहाज इस रास्ते से निकलना शुरू कर चुके हैं.

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अमेरिका और ईरान के बीच हुआ समझौता

17 और 18 जून 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता (MoU) हुआ, जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई. इस समझौते के बाद अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों की नाकाबंदी खत्म कर दी है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कन्फर्म किया कि अब नाकाबंदी लागू करने वाले सभी प्रयास रोक दिए गए हैं, हालांकि अमेरिकी नौसेना के जहाज अभी भी इलाके में रहेंगे ताकि यह देखा जा सके कि दोनों देश समझौते का पालन कर रहे हैं या नहीं.

टोल और फीस को लेकर विवाद

समझौते में यह बात कही गई है कि शुरुआती 60 दिनों तक व्यावसायिक जहाजों के लिए यह रास्ता बिल्कुल मुफ्त रहेगा. लेकिन इस समय सीमा के बाद ईरान यहां ‘सर्विस फीस’ या टोल वसूल सकता है. इस मुद्दे पर दोनों देशों की सोच अलग है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग मुफ्त होने चाहिए और अगर ईरान टोल लगाता है तो अंतिम डील नहीं हो पाएगी. दूसरी तरफ, ईरान ने पहले ही ‘पर्सियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ बना ली है जो जहाजों के आने-जाने की मंजूरी देगी और फीस लेगी.

समुद्र में अभी भी है खतरा

रास्ता खुलने के बावजूद जहाजों के लिए जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. BIMCO के चीफ सेफ्टी ऑफिसर जैकब लार्सन ने चेतावनी दी है कि समुद्र के बीच वाले हिस्से में अभी भी बारूदी सुरंगें (mines) मौजूद हैं, जिसकी वजह से वहां से गुजरना नामुमकिन है. फिलहाल सिर्फ ओमान और ईरान के किनारों वाले रास्तों को सुरक्षित माना जा रहा है. जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक अंतरराष्ट्रीय समन्वय संस्था बनाने की तैयारी है.

110 दिनों बाद फिर लौटे जहाज

गुरुवार सुबह से ही समुद्री रास्ते पर हलचल बढ़ गई है. कम से कम 10 व्यावसायिक जहाजों को इस रास्ते से गुजरते देखा गया है. करीब 110 दिनों के बाद बड़ी कंपनियों के जहाज और फंसा हुआ तेल लेकर जाने वाले टैंकर फिर से इस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं. हालांकि, शिपिंग इंडस्ट्री अभी भी सावधानी बरत रही है क्योंकि सुरक्षा नियमों और भविष्य के प्रशासन को लेकर पूरी तरह स्पष्टता नहीं है.

मुख्य बातें एक नज़र में

  • समझौता: अमेरिका और ईरान के बीच MoU साइन हुआ, पाकिस्तान ने कराया बीच-बचाव.
  • परमिट: ईरान जल्द से जल्द जहाजों को ट्रांजिट परमिट जारी करेगा.
  • नाकाबंदी: अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों से अपनी सैन्य नाकाबंदी हटा ली है.
  • मुफ्त रास्ता: अगले 60 दिनों तक कोई टोल नहीं लगेगा, उसके बाद फीस लग सकती है.
  • सुरक्षा: बीच के रास्ते में बारूदी सुरंगें हैं, सिर्फ किनारे वाले रास्ते सुरक्षित हैं.
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.