ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने Strait of Hormuz पर अपना सख्त नियंत्रण वापस ले लिया है, जबकि दोनों देशों के बीच चल रहा अस्थायी युद्धविराम 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है। इस बीच ईरान ने कुछ व्यापारिक जहाजों पर हमले भी किए हैं, जिससे पूरे समुद्री रास्ते पर डर का माहौल है।
ईरान और अमेरिका के बीच क्या विवाद है?
अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है, जिसे ईरान ‘समुद्री डकैती’ कह रहा है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका यह घेराबंदी नहीं हटाता, वह Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर कड़ी नजर रखेगा। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ किया है कि जब तक पूरा समझौता नहीं हो जाता, यह घेराबंदी जारी रहेगी और डील न होने पर फिर से लड़ाई शुरू हो सकती है।
भारतीय जहाजों पर हमले और पाकिस्तान की भूमिका
शनिवार को ईरान की गनबोट्स ने दो व्यापारिक जहाजों पर फायरिंग की, जिनमें भारत के झंडे वाले जहाज भी शामिल थे। ईरान ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका की घेराबंदी के जवाब में की गई है। इस संकट को रोकने के लिए पाकिस्तान बीच-बचाव कर रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और आर्मी चीफ Asim Munir नए प्रस्ताव लेकर तेहरान गए हैं ताकि दोनों देशों के बीच स्थायी शांति समझौता हो सके।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| युद्धविराम की अंतिम तारीख | 22 अप्रैल 2026 |
| अमेरिकी कार्रवाई | ईरानी बंदरगाहों की समुद्री घेराबंदी |
| ईरानी कार्रवाई | Strait of Hormuz पर सख्त नियंत्रण और जहाजों पर फायरिंग |
| प्रभावित देश | भारत (दो जहाजों पर हमला) |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान |
