ईरान की सेना और IRGC ने सोमवार को एक चेतावनी जारी की है कि वह Strait of Hormuz में अमेरिका के किसी भी तरह के हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगी। यह तनाव तब बढ़ा जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसेना नाकाबंदी करने और अमेरिका को हुरमुज जलडमरूमध्य का रक्षक घोषित करने का निर्देश दिया। ईरान के नए Strait Authority ने सुरक्षा कारणों और अमेरिकी कार्रवाई का हवाला देते हुए इस जलमार्ग को बंद करने की घोषणा कर दी है।
📰: US-Iran तनाव बढ़ा: Hormuz जलडमरूमध्य में अमेरिका ने लगाई नाकाबंदी, 20 फीसदी टोल का ऐलान।
अमेरिका का नया नियम और व्यापार पर असर
अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेशानुसार, Strait of Hormuz से गुजरने वाले सभी जहाजों पर सुरक्षा लागत के नाम पर 20% का अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। अमेरिका ने साफ किया है कि यह नाकाबंदी ईरान के जहाजों के लिए होगी, जबकि अन्य देशों के लिए रास्ता खुला रहेगा। US Central Command के अनुसार, यह नाकाबंदी मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को शाम 4 बजे ET से शुरू की जाएगी। इस दौरान जो भी जहाज बिना अनुमति के प्रवेश या निकास करेगा, उसे रोका जाएगा।
लगातार हो रहे हमले और बढ़ती बेचैनी
इस क्षेत्र में हाल ही में हुए ड्रोन और मिसाइल हमलों ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। ईरान ने दावा किया कि उसने Jordan, Bahrain और Kuwait में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। जवाब में अमेरिका ने भी Bandar Abbas स्थित नौसैनिक अड्डे पर पहली बार समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए ईरानी पनडुब्बी और रखरखाव सुविधा को निशाना बनाया है। इस टकराव के कारण खाड़ी क्षेत्र में समुद्री यातायात काफी कम हो गया है और कई जहाज सुरक्षा के डर से अपने AIS transponders बंद करके चल रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres ने इस बढ़ती सैन्य कार्रवाई पर चिंता जताई है।
