ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने साफ़ कह दिया है कि अगर अमेरिकी सेना Strait of Hormuz में घुसी तो उन पर हमला किया जाएगा। इस टकराव की वजह से समुद्र में करीब 20 हजार नाविक और 2 हजार जहाज फंस गए हैं, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल है।

ईरान की धमकी और अमेरिका का Project Freedom क्या है?

ईरान के मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी कि Strait of Hormuz की सुरक्षा ईरान के कंट्रोल में है और यहां आने के लिए उनकी सेना से तालमेल जरूरी है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 4 मई 2026 को ‘Project Freedom’ नाम का एक अभियान शुरू किया है। इस मिशन का मकसद फंसे हुए कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना है। अमेरिका ने इस काम के लिए US Central Command (CENTCOM) के जरिए 15,000 सैनिक, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर और 100 से ज्यादा विमान तैनात किए हैं।

UAE के पास जहाज पर हमला और नाविकों के लिए नई सलाह

तनाव के बीच Fujairah के उत्तर में एक टैंकर पर अज्ञात मिसाइलों से हमला हुआ, हालांकि सभी क्रू मेंबर सुरक्षित बताए गए हैं। ईरान की Fars न्यूज एजेंसी ने इस हमले से इनकार किया है और कहा कि जहाज को सिर्फ कागजातों की जांच के लिए रोका गया था। सुरक्षा को देखते हुए US-led Joint Maritime Information Center और UKMTO ने जहाजों को Oman के समुद्री रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है ताकि वे समुद्री सुरंगों (mines) से बच सकें।

फंसे हुए नाविकों और भारतीय प्रवासियों पर क्या होगा असर?

सबसे ज्यादा परेशानी उन 20 हजार नाविकों की है जो इस समय फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। इन जहाजों में काम करने वाले कई भारतीय नाविकों के लिए यह समय बहुत मुश्किल है। अगर यह विवाद लंबा खिंचता है तो समुद्री रास्तों के बंद होने से माल की ढुलाई पर असर पड़ेगा, जिससे सामान महंगा हो सकता है। साथ ही, Gulf देशों में रहने वाले प्रवासियों और यात्रा करने वालों के लिए सुरक्षा जोखिम बढ़ सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz में अभी क्या स्थिति है?

ईरान ने अमेरिकी सेना के प्रवेश पर हमले की चेतावनी दी है और लगभग 2,000 कमर्शियल जहाज वहां फंसे हुए हैं।

Project Freedom क्या है?

यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू किया गया एक मानवीय अभियान है, जिसका उद्देश्य फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना है।