Middle East में तनाव बहुत बढ़ गया है। ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर खींचतान चल रही है। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी है, जिसके जवाब में ईरान ने कई व्यापारिक जहाजों को पकड़ा और उन पर हमले किए। इस वजह से समुद्री रास्तों पर खतरा बढ़ गया है और जहाजों का आना-जाना लगभग बंद हो गया है।

अमेरिका की नाकाबंदी और ईरान की कार्रवाई में क्या हुआ?

अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उनके सैनिकों ने M/V Touska नाम के जहाज पर फायरिंग की क्योंकि वह नाकाबंदी तोड़ रहा था। दूसरी तरफ, ईरान ने Epaminondas और MSC Francesca नाम के दो कंटेनर जहाजों को जब्त कर लिया और Euphoria नाम के जहाज पर हमला किया। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उनके बंदरगाहों की नाकाबंदी कर सीजफायर की शर्तों को तोड़ा है। अब तक अमेरिका ने करीब 31 जहाजों को वापस लौटने या बंदरगाह जाने का आदेश दिया है।

अमेरिकी सेना की बड़ी तैयारी और कड़ी चेतावनी

अमेरिका ने इस इलाके में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा दी है। अब यहाँ तीन एयरक्राफ्ट कैरियर (USS Abraham Lincoln, USS Gerald R. Ford, और USS George H.W. Bush) एक साथ तैनात हैं, जिनमें 200 से ज्यादा हवाई जहाज और 15,000 सैनिक शामिल हैं। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई ईरानी जहाज समुद्र में माइन (बारूदी सुरंग) बिछाते हुए दिखा, तो अमेरिकी सेना उसे तुरंत नष्ट कर देगी।

ईरान का नया टोल कानून और दुनिया पर असर

ईरान ने अब इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक नया ‘टोल कानून’ लागू कर दिया है। इसके तहत कुछ जहाजों से 20 लाख डॉलर तक की भारी फीस ली जा रही है। यूके की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस तनाव और फीस के कारण अब इस रास्ते से लगभग कोई जहाज नहीं गुजर रहा है। साथ ही, अमेरिका ने ईरान के तेल व्यापार को रोकने के लिए चीन की एक बड़ी रिफाइनरी और 40 शिपिंग कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं।

Sushma Kumari

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