ईरान और अमेरिका के बीच हुआ 17 जून 2026 का समझौता अब खतरे में है। 12 जुलाई 2026 को ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने का ऐलान किया है और खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। इस तनाव के कारण खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार के लिए हालात गंभीर बन गए हैं।

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तनाव का कारण और अमेरिका की प्रतिक्रिया

अमेरिका के NATO राजदूत Matthew Whitaker ने साफ कहा है कि यह समझौता प्रदर्शन पर आधारित था और ईरान का जहाजों को धमकाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान पर हमले किए हैं। राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि अब युद्धविराम खत्म हो गया है। रक्षा सचिव Pete Hegseth ने भी स्पष्ट किया है कि ईरान ने गलत रास्ता चुना है और उसे इसका परिणाम भुगतना होगा।

ईरान का रुख और क्षेत्रीय प्रभाव

ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि ईरान किसी भी एकतरफा समझौते को नहीं मानेगा। हमले की चपेट में Kuwait, Qatar, UAE और Bahrain जैसे देश आए हैं, जबकि Oman ने ईरान के सामने औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। CENTCOM ने ईरान के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही जारी है। बाजार के जानकारों का मानना है कि 31 अगस्त 2026 तक समुद्री रास्ता पूरी तरह सामान्य होने की संभावना कम है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com