मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को अमेरिकी नौसेना के डिस्ट्रॉयर्स ने Strait of Hormuz से रास्ता पार किया। इस दौरान ईरान की IRGC ने रेडियो पर उन्हें सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यह उनकी आखिरी चेतावनी है। खास बात यह है कि जब यह घटना हुई, तब वाशिंगटन और तेहरान के बीच पाकिस्तान में बातचीत चल रही थी।

🚨: Lebanon Israel War: लेबनान में इसराइल के हमलों से 2,020 लोगों की मौत, 14 अप्रैल को होगी सीज़फायर पर बड़ी बात

Strait of Hormuz में क्या हुआ और ईरान ने क्या कहा?

अमेरिकी डिस्ट्रॉयर्स ने इस मौजूदा संघर्ष के दौरान पहली बार इस जलमार्ग का इस्तेमाल किया। ईरान की IRGC ने रेडियो पर बार-बार चेतावनी दी। इसके जवाब में अमेरिका ने कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून के हिसाब से आगे बढ़ रहे हैं और उनका इरादा कोई हमला करना नहीं है। हालांकि, ईरान की IRGC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इन रिपोर्टों को नकारा और चेतावनी दी कि सैन्य जहाजों के आने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

बातचीत और जलमार्ग की मौजूदा स्थिति क्या है?

ईरानी सुरक्षा सूत्रों ने CNN को बताया कि जब तक अमेरिका और ईरान के बीच कोई साझा समझौता नहीं होता, तब तक इस जलमार्ग की स्थिति नहीं बदलेगी। ईरान का कहना है कि अमेरिका की मांगें बहुत ज्यादा हैं, जिसकी वजह से बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है। इस तनाव के बीच अमेरिका इस अहम जलमार्ग से बारूदी सुरंगें हटाने का काम कर रहा है।