ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड में हुई हालिया बातचीत ने लेबनान में और ज्यादा खून-खराबे को रोकने में अहम भूमिका निभाई है। Ghalibaf के मुताबिक, अगर यह कूटनीतिक मिशन सफल नहीं होता, तो लेबनान में बहुत ज्यादा मुस्लिम और शिया समुदाय के लोग मारे जाते।

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यह बैठक 21 से 23 जून 2026 के बीच स्विट्जरलैंड के Bürgenstock में हुई थी। यह पूरी बातचीत 18 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के बीच हुए 14 पॉइंट के ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (MoU) को लागू करने के लिए की गई थी। इस चर्चा के बाद अब अगले 60 दिनों के लिए एक रोडमैप तैयार किया गया है।

बैठक में कौन-कौन शामिल था

इस अहम मिशन का नेतृत्व ईरान की तरफ से संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf और विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने किया। वहीं अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance इस टीम की अगुवाई कर रहे थे। इस पूरी प्रक्रिया में कतर (Qatar) और पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई।

लेबनान के लिए क्या फैसले हुए

बातचीत के दौरान लेबनान के मुद्दे को इमरजेंसी एजेंडा में रखा गया था, जिसके बाद निम्नलिखित बातों पर सहमति बनी:

  • लेबनान की संप्रभुता और उसकी सीमाओं की सुरक्षा के लिए एक संयुक्त तंत्र बनाया गया।
  • विस्थापित हुए लेबनानी नागरिकों की घर वापसी के लिए कोऑर्डिनेशन सेंटर बनाने पर सहमति बनी।
  • लेबनान की जमीन से कब्जा करने वाली सेनाओं की वापसी की निगरानी की जाएगी।
  • सीजफायर (युद्धविराम) के उल्लंघन की जांच के लिए एक खास सिस्टम तैयार किया गया।
  • ईरान और अमेरिका दोनों ने लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता की गारंटी दी।

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि लेबनान के लिए बनाया गया यह नया सिस्टम दोनों देशों के बीच हुए समझौतों की पहली असली परीक्षा होगी। इसी दौरान यूनाइटेड नेशंस ने भी जानकारी दी कि मार्च के बाद पहली बार लेबनान में एक दिन ऐसा बीता जब कोई बॉर्डर फायरिंग नहीं हुई।

अन्य बड़े समझौते

लेबनान के अलावा इस बैठक में कुछ और अहम फैसलों पर भी मुहर लगी। इसमें ईरान की 12 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्ति को छोड़ने और ईरान के तेल व पेट्रोकेमिकल एक्सपोर्ट पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी ढील देने की बात शामिल है। साथ ही, Strait of Hormuz से सुरक्षित आवाजाही के लिए एक कम्यूनिकेशन लाइन शुरू करने पर भी सहमति बनी है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.