ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. ईरान के राजदूत ने साफ़ कर दिया है कि जब तक वॉशिंगटन अपना बर्ताव नहीं बदलता, तब तक बातचीत का कोई मतलब नहीं है. इस बीच ईरान ने अमेरिका को 14 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा है ताकि युद्ध को रोका जा सके और शांति बहाल हो सके.

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ईरान के 14 पॉइंट्स के प्रस्ताव में क्या है खास

ईरान ने अमेरिका के सामने 14 पॉइंट का एक प्लान रखा है. इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें शामिल हैं:

  • अमेरिका हमला न करने की गारंटी दे.
  • लेबनान समेत सभी मोर्चों पर लड़ाई और दुश्मनी खत्म हो.
  • ईरानी बंदरगाहों की जो अमेरिकी नौसेना ने नाकाबंदी की है, उसे तुरंत हटाया जाए.

IRGC की चेतावनी और राष्ट्रपति ट्रंप का क्या कहना है

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सख्त चेतावनी दी है कि वे युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार हैं. IRGC का कहना है कि अमेरिका समझौतों का पालन करने में नाकाम रहा है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अब या तो एक खराब डील माननी होगी या फिर नामुमकिन सैन्य ऑपरेशन का सामना करना होगा. दूसरी तरफ, राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे इस 14-पॉइंट प्रस्ताव की समीक्षा जल्द करेंगे, लेकिन उन्हें शक है कि कोई समझौता हो पाएगा.

बातचीत में मुश्किल क्यों आ रही है

मार्च 2026 में अमेरिका ने कुछ प्रस्ताव भेजे थे, लेकिन ईरान के विदेश मंत्रालय ने उन्हें अव्यावहारिक और बेतुका बताया था. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका 2026 के युद्ध में अपने लक्ष्य हासिल करने में फेल रहा, इसलिए अब वह बातचीत करना चाहता है. फिलहाल पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि बातचीत फिर से शुरू हो सके.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका से क्या मुख्य मांग की है

ईरान ने 14 पॉइंट का प्रस्ताव भेजा है जिसमें हमला न करने की गारंटी, लेबनान में युद्ध रोकने और अपने बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाने की मांग की गई है.

क्या अमेरिका ईरान के प्रस्ताव को मानने के लिए तैयार है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे जल्द ही प्रस्ताव की समीक्षा करेंगे, लेकिन उन्हें लगता है कि कोई समझौता होना फिलहाल मुश्किल है.