ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतिबज़ादेह ने साफ कर दिया है कि वे फिलहाल अमेरिका के साथ आमने-सामने बैठकर बात करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी शर्तों को लेकर बहुत ज्यादा अड़ा हुआ है, जिसकी वजह से बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है।

बातचीत क्यों रुकी और क्या है विवाद?

ईरान का कहना है कि अमेरिका उनके परमाणु कार्यक्रम को लेकर बहुत ज्यादा मांगें कर रहा है। खतिबज़ादेह ने बताया कि जब तक दोनों देश एक बुनियादी समझौते पर राजी नहीं होते, तब तक मीटिंग करना बेकार है। ईरान ने साफ कह दिया है कि वह अपना समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को नहीं सौंपेगा और इसे बिल्कुल भी मंजूर नहीं करेगा।

डोनाल्ड ट्रंप के दावे और ईरान का जवाब

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान उनकी लगभग सभी शर्तें मान चुका है और बातचीत जल्दी खत्म होगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान से सारा परमाणु कचरा वापस लेगा। वहीं, ईरान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि ट्रंप बहुत ज्यादा बोलते हैं और उनकी बातें अक्सर भ्रमित करने वाली होती हैं।

ताजा घटनाक्रम की पूरी जानकारी

दोनों देशों के बीच कई अहम मुद्दे फंसे हुए हैं, जिसकी वजह से आपसी सहमति नहीं बन पा रही है। अमेरिका ने ईरानी जहाजों और बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखी है। वहीं, इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्धविराम तो हुआ है, लेकिन इसका असर ईरान और अमेरिका की सीधी बातचीत पर नहीं पड़ा है।

तारीख बड़ी खबर/घटना
17 अप्रैल 2026 डोनाल्ड ट्रंप का दावा कि ईरान शर्तें मान चुका है और नाकाबंदी जारी रहेगी।
17 अप्रैल 2026 इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच 10 दिन का युद्धविराम लागू हुआ।
18 अप्रैल 2026 ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से मना किया।
20 अप्रैल 2026 इस्लामाबाद में होने वाली मीटिंग को ईरान ने रद्द कर दिया।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.