ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर राजनयिक बातचीत का दौर शुरू हुआ है, लेकिन इस बार ईरान ने अपनी शर्तों को लेकर बहुत सख्त रुख अपनाया है। पाकिस्तान की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच प्रस्तावों का लेन-देन चल रहा है, जबकि अमेरिका ने फिलहाल हमले की योजना को टाल दिया है। इसी बीच, ईरान ने अपनी ऐतिहासिक विरासतों को पहुँचाए गए नुकसान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी लड़ाई लड़ने का फैसला किया है।

ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी हैं?

ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi और अन्य अधिकारियों ने साफ किया है कि बातचीत केवल तभी सफल होगी जब अमेरिका इन मुख्य मांगों को मानेगा:

  • प्रतिबंधों की समाप्ति: ईरान पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाया जाए।
  • जमी हुई राशि: ईरान के जो फंड विदेश में फ्रीज किए गए हैं, उन्हें वापस किया जाए।
  • समुद्री नाकाबंदी: समुद्र में लगाई गई नाकाबंदी को तुरंत खत्म किया जाए।
  • सेना की वापसी: ईरान के करीब तैनात अमेरिकी सैनिकों को वहां से हटाया जाए।
  • युद्ध का मुआवजा: युद्ध के कारण हुए नुकसान की भरपाई की जाए और लेबनान समेत सभी मोर्चों पर हिंसा रुके।

सांस्कृतिक धरोहरों का नुकसान और कानूनी कार्रवाई

ईरान सरकार ने अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के मौके पर बताया कि अमेरिकी और इजरायली हमलों ने देश की सांस्कृतिक पहचान को भारी चोट पहुँचाई है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक:

  • कुल 149 ऐतिहासिक स्थल और संग्रहालय क्षतिग्रस्त हुए हैं, जो देश के 20 अलग-अलग प्रांतों में फैले हैं।
  • इनमें 5 यूनेस्को (UNESCO) विश्व धरोहर स्थल, 7 ऐतिहासिक वास्तु परिसर और 54 संग्रहालय शामिल हैं।
  • ईरान ने कहा कि वह 1954 के हेग कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अमेरिका और इसराइल के खिलाफ कानूनी कदम उठाएगा क्योंकि युद्ध के दौरान सांस्कृतिक संपत्तियों की सुरक्षा करना अंतरराष्ट्रीय नियम है।

अमेरिका का क्या कहना है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ एक समझौता होने की अच्छी संभावना है ताकि वह परमाणु हथियार न बना सके। उन्होंने गल्फ देशों के सहयोगियों के अनुरोध पर ईरान पर होने वाले सैन्य हमले को फिलहाल टाल दिया है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी है कि अगर कोई उचित समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिकी सेना बड़े पैमाने पर हमला करने के लिए तैयार है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका से किन मुख्य चीजों की मांग की है?

ईरान ने प्रतिबंधों को हटाने, फ्रीज किए गए फंड वापस करने, अमेरिकी सेना की वापसी और युद्ध से हुए नुकसान के मुआवजे की मांग की है।

ईरान की कितनी ऐतिहासिक इमारतें हमले में टूटी हैं?

ईरान के 20 प्रांतों में कुल 149 ऐतिहासिक स्थल और संग्रहालय क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें 5 यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट्स भी शामिल हैं।