अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बावजूद दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे बातचीत और संदेशों का आदान-प्रदान लगातार जारी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत का सिलसिला रुका नहीं है। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है क्योंकि इसी दौरान खाड़ी क्षेत्र में कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय होना पड़ा है और अमेरिकी सेना के साथ ईरान की सीधी झड़पें भी सामने आई हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर क्या है ताजा अपडेट?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच गतिरोध के बाद भी बातचीत और संदेशों का आदान-प्रदान जारी है। हालांकि, उन्होंने इस पर तुरंत किसी नतीजे पर पहुंचने से मना किया है और कहा है कि जब तक कोई ठोस परिणाम नहीं आ जाता, तब तक किसी भी बात को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए।
- ट्रम्प का नया प्रस्ताव: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने से जुड़ी कड़ी शर्तों के साथ एक नया शांति प्रस्ताव रखा है। ट्रम्प का कहना है कि ईरान वास्तव में समझौता करना चाहता है।
- ईरान का रुख: ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने चेतावनी दी है कि अमेरिका पर भरोसा नहीं किया जा सकता है। तेहरान तब तक किसी भी समझौते को मंजूरी नहीं देगा जब तक कि ईरान के राष्ट्रीय अधिकारों और हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती।
- संशोधन की तैयारी: ईरान फिलहाल इस अमेरिकी मसौदे में अपने खुद के संशोधनों को जोड़ने की तैयारी कर रहा है और वह बिना किसी समझौते (No-deal) के परिणाम के लिए भी तैयार है।
खाड़ी में सैन्य टकराव और कुवैत का डिफेंस सिस्टम हुआ अलर्ट
बातचीत के दावों के बीच खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के ठिकानों पर हमले किए थे। अमेरिकी सेना का दावा है कि यह कार्रवाई उनके एक MQ-1 ड्रोन को अंतरराष्ट्रीय जलसीमा के ऊपर गिराए जाने के विरोध में की गई थी।
इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने 1 जून 2026 को एक अमेरिकी हवाई अड्डे को निशाना बनाने का दावा किया। इसी तनाव के बीच 1 जून 2026 को कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने अपनी सीमा की तरफ बढ़ रहे संदिग्ध मिसाइल और ड्रोन हमलों को बीच हवा में ही मार गिराया।
समझौते की राह में सबसे बड़े रोड़े क्या हैं?
दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रहने के बावजूद कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है। सबसे बड़ा विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है। इसके अलावा आर्थिक प्रतिबंधों में ढील देने और अमेरिका द्वारा रोकी गई ईरान की लगभग 12 अरब अमेरिकी डॉलर की संपत्ति को जारी करने पर भी पेंच फंसा हुआ है। होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा की गारंटी भी इस बातचीत का एक मुख्य हिस्सा बनी हुई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते पर सहमति बन गई है?
नहीं, अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई के अनुसार, परमाणु कार्यक्रम पर अभी सीधी बातचीत नहीं हो रही है, बल्कि ध्यान युद्ध को रोकने और मसौदे के संशोधनों पर केंद्रित है।
1 जून 2026 को खाड़ी में क्या सैन्य घटनाक्रम हुआ?
1 जून 2026 को कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम किया। वहीं, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी हवाई अड्डे को निशाना बनाने का दावा किया, जो अमेरिकी सेना द्वारा किए गए हवाई हमलों का जवाब था।
इस समझौते में मुख्य अड़चनें कौन सी हैं?
मुख्य अड़चनें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर प्रतिबंध, ईरान की 12 अरब डॉलर की फ्रीज की गई संपत्ति को जारी करना और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करना हैं।
