ईरान के टॉप नेगोशिएटर ने दोहा में कतर के प्रधानमंत्री से मुलाकात की है। इस बैठक का मुख्य मकसद एक फाइनल डील की दिशा में बातचीत को आगे बढ़ाना था। इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए दोहा में खास वर्किंग ग्रुप बनाए गए हैं, जो डील की बची हुई बारीकियों को सुलझाने का काम करेंगे।

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ताजा जानकारी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष तकनीकी बातचीत बुधवार, 1 जुलाई 2026 को शुरू हुई। इसमें कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। यह बातचीत 17 जून 2026 को साइन हुए एक MOU (समझौता ज्ञापन) को लागू करने पर टिकी है। इसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को छोड़ने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है।

ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर और मुख्य नेगोशिएटर Kazem Gharibabadi ने पुष्टि की है कि MOU के कार्यान्वयन और फाइनल एग्रीमेंट की तैयारी के लिए वर्किंग ग्रुप बना दिए गए हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि इन ग्रुप्स में औपचारिक बातचीत अभी शुरू नहीं हुई है और मध्यस्थ अभी समय और जगह पर चर्चा कर रहे हैं। Gharibabadi ने यह भी कहा कि ईरान का अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर सीधी बातचीत करने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। साथ ही, उन्होंने कहा कि ईरान की परमाणु गतिविधियां बातचीत का हिस्सा नहीं होंगी और मिसाइल या ड्रोन प्रोग्राम पर कोई चर्चा नहीं की जाएगी।

कतर के विदेश मंत्रालय ने सोमवार, 30 जून 2026 को बताया कि अभी तक ईरान के किसी भी फ्रीज फंड को ट्रांसफर नहीं किया गया है। इनका रिलीज होना इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में कितनी प्रगति होती है। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने Kazem Gharibabadi से मिलकर लेबनान के मुद्दे और MOU की प्रगति पर चर्चा की।

दूसरी तरफ, अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने का अपना मुख्य मिशन पूरा कर लिया है। वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान ने दोहा में मुलाकात की मांग की थी, लेकिन कतर और ईरान के अधिकारियों ने इस बात का खंडन किया है।

इन बातचीत की बुनियाद 17 जून 2026 को साइन हुए MOU पर है, जिसमें 60 दिनों के युद्धविराम और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की बात कही गई थी। ईरान की मांग है कि किसी भी समझौते में लेबनान से इजरायली सैनिकों की वापसी और वहां संघर्ष का खत्म होना जरूरी है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.