अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में हुई सीधी बातचीत फेल हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति J.D. Vance ने आधिकारिक तौर पर यह जानकारी दी कि दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया। अब दुनिया की नज़रें 22 अप्रैल पर टिकी हैं, क्योंकि तब तक मौजूदा युद्धविराम (ceasefire) की समय सीमा है और उसके बाद हालात बिगड़ सकते हैं।

दोनों देशों की मुख्य मांगें क्या थीं?

अमेरिका की शर्तें काफी सख्त थीं, जिसमें ईरान के परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम को पूरी तरह खत्म करना शामिल था। वॉशिंगटन चाहता था कि ईरान क्षेत्र में अपने प्रॉक्सी ग्रुप्स की मदद बंद करे और Strait of Hormuz को दोबारा जहाजों के लिए खोले। वहीं दूसरी तरफ ईरान चाहता था कि अमेरिका युद्ध की धमकी देना बंद करे और लेबनान में चल रही जंग खत्म हो ताकि वह इसका श्रेय ले सके।

विशेषज्ञों ने क्या कहा और आगे क्या हो सकता है?

इसराइल के शोधकर्ता Danny Citrinowicz ने बताया कि दोनों पक्ष इस विश्वास के साथ बातचीत में आए थे कि वे जीत चुके हैं, इसलिए कोई समझौता नहीं हो सका। सऊदी अरब के एक्सपर्ट Ahmed Afifi का मानना है कि अगर ईरान ने हमलों को जारी रखा, तो अमेरिका, इसराइल और ब्रिटेन का एक गठबंधन बन सकता है और सीधा टकराव संभव है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या असर पड़ेगा?

Institute for the Study of War (ISW) की रिपोर्ट के अनुसार ईरान Strait of Hormuz में नेवल माइंस का इस्तेमाल कर रहा है। इसका मकसद जहाजों को मजबूर करना है कि वे ईरान के समुद्री क्षेत्र में आएं ताकि उनसे अवैध फीस वसूली जा सके। इस कदम से ग्लोबल इकोनॉमी और व्यापार पर बुरा असर पड़ने की आशंका है।

मुख्य बिंदु विवरण
बातचीत का स्थान इस्लामाबाद, पाकिस्तान
घोषणा करने वाले J.D. Vance (अमेरिकी उपराष्ट्रपति)
युद्धविराम की अंतिम तारीख 22 अप्रैल 2026
प्रमुख मुद्दा परमाणु कार्यक्रम और Strait of Hormuz
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.