अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में अब एक बड़ा पेंच फंस गया है। ईरान ने साफ कह दिया है कि बिना पैसे के कोई समझौता आगे नहीं बढ़ेगा। ईरान ने मांग रखी है कि किसी भी शुरुआती समझौते पर दस्तखत होते ही उसके जब्त किए गए पैसों में से कम से कम 50 फीसदी हिस्सा तुरंत जारी किया जाए। इस मांग के बाद बातचीत में गतिरोध आ गया है और दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया है।

ईरान की सख्त मांग: आखिर कितना पैसा फंसा है?

ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम गरीबाबादी (Kazem Gharibabadi) ने सरकारी मीडिया के माध्यम से स्पष्ट किया है कि ईरान के विदेशों में करीब 24 अरब डॉलर फंसे हुए हैं। ईरान चाहता है कि अंतरिम समझौते पर हस्ताक्षर होते ही इसमें से 12 अरब डॉलर यानी 50 प्रतिशत पैसा तुरंत जारी किया जाए। बाकी की बची हुई राशि अगले एक से दो महीने के भीतर यानी अधिकतम 60 दिनों में मिल जानी चाहिए। इस पैसे को ईरान तक पहुंचाने के लिए कतर को एक माध्यम के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिका ने शर्त मानने से किया इनकार, ट्रंप का आया बयान

अमेरिका ने ईरान को पहले पैसे देने की शर्त को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। अमेरिका का कहना है कि जब तक ईरान परमाणु मुद्दों और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सुरक्षा से जुड़े मामलों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक पैसा जारी नहीं किया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रही है, लेकिन समझौते की कोई पक्की गारंटी नहीं है। इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के संवर्धित यूरेनियम (Enriched Uranium) को अपने नियंत्रण में लेना चाहता है।

तनाव के बीच चल रही है बातचीत और अन्य मांगें

ईरान सिर्फ पैसों की ही नहीं, बल्कि कुछ और बड़ी मांगें भी रख रहा है। ईरान चाहता है कि उस पर लगे सभी अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाया जाए, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और आईएईए (IAEA) में उसकी स्थिति को सामान्य किया जाए और लेबनान सहित सभी क्षेत्रीय मोर्चों पर हमलों को हमेशा के लिए रोका जाए। यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब 4 जून को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक हमला हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और 63 लोग घायल हो गए थे। इस घटना ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका से तुरंत कितने पैसे जारी करने की मांग की है?

ईरान ने अमेरिका से मांग की है कि उसके कुल 24 अरब डॉलर के जब्त पैसों में से कम से कम 50 फीसदी यानी 12 अरब डॉलर की राशि समझौते पर हस्ताक्षर होते ही तुरंत जारी की जाए।

इस समझौते को लेकर अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप का क्या रुख है?

अमेरिका ने पहले पैसा देने से मना कर दिया है और कहा है कि ईरान को पहले परमाणु मुद्दों पर कदम उठाने होंगे। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि बातचीत चल रही है पर अंतिम समझौते की गारंटी नहीं है।