कतर की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव खत्म होने की उम्मीद जगी है। सोमवार 25 मई 2026 को ईरान का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल कतर की राजधानी दोहा पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi, संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf और सेंट्रल बैंक के गवर्नर Abdolnaser Hemmati शामिल हैं। इस बैठक में Strait of Hormuz को फिर से खोलने और ईरान के फ्रीज किए गए फंड को वापस पाने पर बातचीत चल रही है। इस कूटनीतिक हलचल के बीच वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दामों में भी कमी आई है।
किन प्रमुख मुद्दों पर हो रही है बातचीत?
दोनों देशों के बीच बातचीत का मुख्य फोकस तीन महीने से चल रहे संघर्ष को समाप्त करना है। इसके लिए 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन पर चर्चा चल रही है। मुख्य चर्चा इन विषयों पर केंद्रित है
- Strait of Hormuz खोलना: इस समुद्री रास्ते को सुरक्षित रूप से फिर से खोलने पर चर्चा जारी है। ईरान इस रास्ते पर अपना प्रबंधन रखना चाहता है और टोल टैक्स लगाने की मांग कर रहा है, जिसे अमेरिका ने खारिज कर दिया है।
- फ्रीज की गई संपत्ति: ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर की उपस्थिति से स्पष्ट है कि ईरान अपने फ्रीज किए गए पैसों को वापस पाना चाहता है।
- यूरेनियम का मुद्दा: अमेरिका की मांग है कि प्रतिबंधों में ढील देने के बदले ईरान अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के स्टॉक को सौंप दे। इस मुद्दे पर 60 दिनों के भीतर बात आगे बढ़ाने का प्रस्ताव है।
नेताओं और मध्यस्थों के क्या हैं बयान?
इस बातचीत पर अमेरिका और ईरान दोनों ओर से महत्वपूर्ण बयान आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि बातचीत अच्छी चल रही है, लेकिन यदि समझौता नहीं हुआ तो फिर से संघर्ष तेज हो सकता है। उन्होंने यह भी साफ किया कि जब तक समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी।
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने संकेत दिया है कि Strait of Hormuz को खोलने का समझौता सोमवार को ही घोषित हो सकता है। दूसरी तरफ, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने बताया कि पाकिस्तान की मध्यस्थता से काफी प्रगति हुई है, लेकिन समझौते पर हस्ताक्षर होने में अभी थोड़ा समय लगेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि Strait of Hormuz के प्रबंधन की जिम्मेदारी तटीय देशों की है और इसके लिए ईरान और ओमान मिलकर काम कर रहे हैं।
खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका प्रभाव
कतर और ओमान जैसे देश इस मामले में अहम मध्यस्थ बनकर उभरे हैं। शांति वार्ता शुरू होने की खबर आते ही सोमवार को वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। अगर यह समझौता पूरा होता है, तो खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम होगा जिससे व्यापार और हवाई यात्राएं सुरक्षित होंगी। इसका सीधा फायदा खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को मिलेगा, क्योंकि सुरक्षित समुद्री और हवाई मार्ग से यात्रा और व्यापार दोनों सुगम हो जाएंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत कहाँ हो रही है?
यह उच्च स्तरीय बातचीत कतर की राजधानी दोहा में हो रही है, जिसमें कतर और पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।
Strait of Hormuz को लेकर क्या विवाद है?
ईरान Strait of Hormuz पर अपना नियंत्रण रखना चाहता है और वहां टोलिंग सिस्टम लागू करना चाहता है, लेकिन अमेरिका ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
क्या बातचीत के बीच कच्चे तेल के दाम कम हुए हैं?
हाँ, सोमवार को ईरान और अमेरिका के बीच सकारात्मक कूटनीतिक बातचीत शुरू होने की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई।