ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में हुई हाई-लेवल बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है. दोनों देशों के प्रतिनिधि 15 घंटे से ज्यादा समय तक चर्चा करते रहे, लेकिन किसी बात पर सहमति नहीं बन पाई. अब अमेरिका ने Strait of Hormuz से माइन्स हटाने का काम शुरू कर दिया है, जिससे इस इलाके में तनाव बढ़ सकता है.

बातचीत क्यों नहीं हो पाई और मुख्य विवाद क्या था?

बातचीत के दौरान परमाणु हथियारों और Strait of Hormuz के कंट्रोल को लेकर भारी मतभेद रहे. अमेरिका चाहता था कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने का पक्का वादा करे, जबकि ईरान ने अपनी परमाणु गतिविधियों को नागरिक इस्तेमाल के लिए जरूरी बताया. इसके अलावा, ईरान ने लेबनान में युद्धविराम और अपनी जमी हुई संपत्ति को वापस मांगने की शर्त रखी थी, जिसे अमेरिका ने मानने से इनकार कर दिया.

अमेरिका और ईरान के बड़े नेताओं ने क्या कहा?

  • JD Vance: अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि ईरान ने अमेरिका की शर्तों को स्वीकार नहीं किया है.
  • Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति ने बयान दिया कि अमेरिका ने ईरान को सैन्य रूप से हरा दिया है और बातचीत के नतीजे से उन्हें कोई खास फर्क नहीं पड़ता.
  • Iran Government: ईरान ने कहा कि अमेरिकी मांगें बहुत ज्यादा थीं, इसलिए बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी, हालांकि वे आगे भी चर्चा के लिए तैयार हैं.

इस हाई-लेवल मीटिंग में कौन शामिल था?

यह मीटिंग 1979 के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर हुई थी. इसमें दोनों देशों के अहम अधिकारी और मध्यस्थ शामिल थे.

देश/भूमिका शामिल मुख्य व्यक्ति
अमेरिका JD Vance, Donald Trump, Steve Witkoff, Jared Kushner, Admiral Brad Cooper
ईरान Mohammad Bagher Ghalibaf, Abbas Araghchi, Ali Khamenei
पाकिस्तान (मेजबान) PM Shehbaz Sharif, Field Marshal Syed Asim Munir
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.