ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए एक बड़ी कोशिश शुरू हुई है. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच गया है. यहां दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत होगी ताकि पुराने झगड़ों को खत्म किया जा सके और शांति स्थापित हो.

बातचीत की मुख्य वजह क्या है?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 8 अप्रैल 2026 को दोनों देशों के बीच दो हफ्ते के लिए युद्धविराम का ऐलान किया था. इस शर्त के साथ कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह खोला जाए. इसी सिलसिले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दोनों देशों को इस्लामाबाद बुलाया है ताकि एक आखिरी समझौते पर मुहर लग सके. यह बैठक शुक्रवार 10 अप्रैल 2026 को होनी तय हुई है.

ईरान की 10 सूत्रीय योजना में क्या है?

ईरान ने अमेरिका के सामने 10 पॉइंट्स का एक प्रस्ताव रखा है जिसे अमेरिका ने स्वीकार कर लिया है. इस प्रस्ताव में सिर्फ परमाणु मुद्दा या क्षेत्रीय सुरक्षा की बात नहीं है, बल्कि इसमें पिछले 45 सालों से ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने की मांग भी शामिल है. हालांकि, ईरान ने पहले यह चिंता जताई थी कि लेबनान में युद्धविराम का पालन नहीं हुआ और उसके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया गया.

बातचीत में कौन-कौन शामिल है?

पक्ष मुख्य नेता/प्रतिनिधि
ईरानी प्रतिनिधिमंडल मोहम्मद बाकर गालिबाव और विदेश मंत्री अब्बास अराघची
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
मध्यस्थ (Mediator) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ

व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने बताया कि बातचीत जारी है, लेकिन जब तक राष्ट्रपति ट्रम्प या व्हाइट हाउस की तरफ से कोई आधिकारिक ऐलान नहीं होता, तब तक कोई भी फैसला अंतिम नहीं माना जाएगा.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.