ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi शुक्रवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे। इस यात्रा को लेकर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं क्योंकि पाकिस्तान यहां अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है। हालांकि ईरान की सरकार कह रही है कि अमेरिका से कोई बात नहीं होगी, लेकिन व्हाइट हाउस ने इस मामले में दूसरी ही बात कही है।

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ईरान और अमेरिका की बातों में क्या है फर्क?

ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत तय नहीं है। उनका कहना है कि Foreign Minister Abbas Araghchi की यह यात्रा सिर्फ पाकिस्तान के साथ आपसी मुद्दों और क्षेत्रीय विकास पर चर्चा करने के लिए है। ईरान ने इसे एक स्वतंत्र यात्रा बताया है, लेकिन यह भी माना है कि इस्लामाबाद के जरिए अमेरिकी प्रस्तावों को भेजा जा सकता है।

व्हाइट हाउस और डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

दूसरी तरफ, व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि विशेष दूत Steve Witkoff और सलाहकार Jared Kushner शनिवार, 25 अप्रैल को पाकिस्तान पहुंचेंगे। वहां वे ईरानी प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि ईरान अमेरिका की शर्तों को मानने के लिए एक प्रस्ताव दे सकता है। ट्रंप की मांग है कि ईरान यूरेनियम का इस्तेमाल बंद करे और Strait of Hormuz से तेल के व्यापार को बिना किसी रुकावट के चलने दे। इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम की अवधि को अनिश्चित काल के लिए बढ़ा दिया है।

पाकिस्तान की इसमें क्या भूमिका है?

पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच एक पुल का काम कर रहा है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय और सेना प्रमुख General Asim Munir क्षेत्रीय शांति के लिए कोशिशें कर रहे हैं। इससे पहले 11 और 12 अप्रैल को भी दोनों देशों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन उस समय कोई नतीजा नहीं निकला था। अब पाकिस्तान फिर से दूसरे दौर की सीधी बातचीत आयोजित कराने की कोशिश कर रहा है ताकि तनाव को कम किया जा सके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.