ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दूसरी बार बातचीत हो सकती है. पहली मुलाकात में कोई समझौता नहीं हुआ था, इसलिए अब नए सिरे से चर्चा की तैयारी है. पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच 8 अप्रैल को सीज़फायर करवाया था, जो 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है. इस बीच समुद्र में नाकेबंदी और विवाद ने माहौल को और गरमा दिया है.

बातचीत की तारीख और शामिल होने वाले लोग

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक यह मीटिंग अगले हफ्ते हो सकती है, हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने अभी तक किसी तारीख की पुष्टि नहीं की है. राष्ट्रपति ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि बातचीत 17 से 19 अप्रैल के बीच हो सकती है. इस मीटिंग में अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरान की तरफ से संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागर गालीबाफ शामिल हो सकते हैं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं.

समुद्र में नाकेबंदी और अमेरिका की नई शर्तें

अमेरिका ने हाल ही में ईरान के बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी कर दी है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड का दावा है कि 13 अप्रैल से ईरान का समुद्री व्यापार पूरी तरह रुक गया है. अमेरिका ने दूसरी मीटिंग के लिए कुछ सख्त शर्तें भी रखी हैं:

  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह खोलना होगा.
  • ईरानी प्रतिनिधिमंडल के पास IRGC से समझौता करने का पूरा अधिकार होना चाहिए.

वहीं ईरान का कहना है कि उनके जहाज अब भी समुद्र में चल रहे हैं और अगर नाकेबंदी जारी रही तो वे अन्य समुद्री रास्तों को भी बाधित कर सकते हैं.

किन मुद्दों पर अटकी है सहमति?

पहली मीटिंग में कई बड़े मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई थी. मुख्य विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और समुद्र के रास्तों को लेकर है. दोनों देशों के बीच मुख्य मांगें नीचे दी गई तालिका में हैं:

ईरान की मांगें अमेरिका की शर्तें
जमे हुए पैसों की वापसी परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रोक
हिजबुल्लाह पर इजराइली हमलों का अंत होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना
परमाणु कार्यक्रम की गारंटी IRGC की सीधी मंजूरी
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.