ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अहम बातचीत हुई है। हालांकि दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर गहरी असहमति है, लेकिन लिखित संदेशों और मुलाकातों का सिलसिला अभी भी जारी है। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई है और दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंचे थे।

बातचीत में कौन शामिल था और क्या चर्चा हुई?

इस बैठक में अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति J.D. Vance और ईरान की तरफ से संसद स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf ने अपनी टीमों का नेतृत्व किया। वाइट हाउस ने पुष्टि की है कि यह एक त्रिपक्षीय बैठक थी जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी दोनों पक्षों से मुलाकात की। फिलहाल दोनों देशों की एक्सपर्ट टीमें आर्थिक, सैन्य, कानूनी और परमाणु मुद्दों पर लिखित ड्राफ्ट तैयार करने और उन्हें बदलने का काम कर रही हैं।

ईरान की शर्तें और अमेरिका का रुख क्या है?

ईरान ने बातचीत के लिए कुछ बुनियादी शर्तें रखी हैं। ईरान चाहता है कि दक्षिण लेबनान में इजराइल के हमलों को कम किया जाए और उसकी जमी हुई संपत्तियों (frozen assets) को वापस रिलीज किया जाए। दूसरी तरफ, अमेरिकी उपराष्ट्रपति J.D. Vance ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह बातचीत के दौरान अमेरिका को धोखा देने या खेल खेलने की कोशिश न करे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते के लिए पहले ही एक समय सीमा तय कर दी है।

Strait of Hormuz को लेकर क्या विवाद चल रहा है?

Strait of Hormuz को लेकर दोनों देशों के बीच काफी खींचतान है। ईरान ने अस्थायी युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और मांग की है कि क्षेत्रीय लड़ाई पूरी तरह खत्म हो। ईरानी मीडिया का दावा है कि अमेरिका इस समुद्री रास्ते को लेकर बहुत ज़्यादा मांगें कर रहा है। इसी बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने 11 अप्रैल 2026 को ऐलान किया कि अमेरिका ने Strait of Hormuz को “साफ करना” शुरू कर दिया है।

पक्ष प्रमुख प्रतिनिधि मुख्य मांग/रुख
ईरान Mohammad Bagher Qalibaf संपत्तियों की वापसी और लेबनान में शांति
अमेरिका J.D. Vance Strait of Hormuz पर नियंत्रण और सख्त समझौता
पाकिस्तान Shehbaz Sharif मध्यस्थता और मेजबानी
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.