अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत के बीच ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि ईरान को अमेरिका की बातों या गारंटियों पर कोई भरोसा नहीं है और वे केवल काम (actions) को ही पैमाना मानते हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच 60 दिनों के सीजफायर बढ़ाने पर बातचीत चल रही है, लेकिन अंतिम सहमति बनना अभी बाकी है।

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ईरानी वार्ताकार गालिबफ ने अमेरिका को लेकर क्या कहा?

ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक दूसरा पक्ष कोई कदम नहीं उठाता, तब तक ईरान की तरफ से कोई एक्शन नहीं लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी समझौते का विजेता वही होता है जो समझौते के अगले ही दिन से युद्ध के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो। गालिबफ के मुताबिक ईरान बातचीत के जरिए नहीं, बल्कि अपनी मिसाइल ताकत के दम पर रियायतें हासिल करता है। वहीं ईरानी सरकारी मीडिया तस्नीम (Tasnim) ने स्पष्ट किया है कि समझौते के मसौदे को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है और पश्चिमी मीडिया की खबरें पूरी तरह सही नहीं हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच क्या चल रही है बातचीत?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा सीजफायर को 60 दिनों के लिए आगे बढ़ाने और परमाणु कार्यक्रम व स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलने पर चर्चा चल रही है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने पुष्टि की है कि एक अस्थाई समझौता हुआ है, लेकिन इस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। उन्होंने कहा कि बातचीत बहुत करीब है लेकिन अभी पूरी तरह फाइनल नहीं हुई है। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने बताया कि समझौते के मसौदे पर बातचीत के कारण इसमें अभी कुछ दिन और लग सकते हैं।

तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान पर लगाए नए प्रतिबंध

सीजफायर को लेकर चल रही बातचीत के बीच अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ा दिया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान की सैन्य तेल बिक्री को निशाना बनाते हुए नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। अप्रैल की शुरुआत से लागू सीजफायर अभी भी बेहद नाजुक दौर में है, क्योंकि दोनों देशों के बीच हाल ही में आत्मरक्षा में हमले और मिसाइल लॉन्च की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसके अलावा डेनमार्क की खुफिया एजेंसी ने यूरोप में ईरानी गतिविधियों को लेकर खतरे की चेतावनी भी जारी की है। इस पूरे मामले में पाकिस्तानी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी मध्यस्थता के प्रयासों में शामिल रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर समझौता फाइनल हो गया है?

नहीं, अभी समझौता पूरी तरह फाइनल नहीं हुआ है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के अनुसार बातचीत अंतिम चरण में है लेकिन इस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। ईरान ने भी समझौते के मसौदे के फाइनल होने से इनकार किया है।

ईरान के मुख्य वार्ताकार ने अमेरिका को लेकर क्या बयान दिया है?

ईरानी मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर गालिबफ ने कहा कि ईरान को अमेरिका के वादों पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि समझौते का असली फायदा तभी है जब जमीनी स्तर पर एक्शन दिखे, और ईरान बातचीत के बजाय मिसाइल ताकत के दम पर अपनी शर्तें मनवाता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com