ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ बातचीत में कोई खास प्रगति नहीं हुई है, हालांकि बातचीत के रास्ते खुले हैं। वहीं, कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक भारतीय प्रवासी की मौत के बाद खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों की चिंता काफी बढ़ गई है। ईरान ने खाड़ी देशों में अपने हालिया हमलों को केवल आत्मरक्षा की कार्रवाई बताया है।

ईरान ने कुवैत और बहरीन पर हमलों को क्यों बताया अपनी आत्मरक्षा?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार को कहा कि खाड़ी देशों जैसे कुवैत और बहरीन में उनके हमले केवल आत्मरक्षा में किए गए थे। उनका आरोप है कि अमेरिकी सेना इन जगहों का इस्तेमाल नागरिक जहाजों पर हमले करने के लिए कर रही थी। हालांकि, कुवैत सरकार ने इस हमले को आपराधिक ईरानी आक्रामकता बताया है। कुवैत एयरपोर्ट पर हुए इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हुई है और 63 लोग घायल हुए हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया है और दावा किया है कि यह अमेरिकी पैट्रियट सिस्टम की तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुआ है।

अमेरिका और इसराइल का इस पूरे विवाद पर क्या स्टैंड है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत को लेकर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि ईरान के साथ बातचीत बहुत तेजी से चल रही है और वीकेंड तक कोई अच्छा नतीजा आ सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान के पास मौजूद यूरेनियम का भंडार चर्चा का मुख्य विषय है। इस बीच, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी और इसराइली सेनाएं किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर बेरूत पर कोई हमला होता है तो इसके गंभीर परिणाम होंगे और युद्ध फिर से शुरू हो जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत एयरपोर्ट पर हुए हमले में क्या नुकसान हुआ है?

कुवैत सरकार के अनुसार, इस ड्रोन हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और 63 लोग घायल हो गए हैं। कुवैत ने इसे आपराधिक हमला बताया है।

बातचीत को लेकर ईरान और अमेरिका के दावों में क्या अंतर है?

ईरान के विदेश मंत्री का कहना है कि बातचीत में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि बातचीत बहुत अच्छी और तेजी से चल रही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.