अमेरिका और ईरान के बीच क्षेत्रीय तनाव को कम करने और परमाणु विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत चल रही है। दोनों पक्षों ने चर्चा में प्रगति की बात स्वीकार की है, लेकिन ईरान का साफ कहना है कि अभी कोई समझौता होने की उम्मीद नहीं है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर समझ बनी है, लेकिन अंतिम सहमति बनने में अभी समय लगेगा।

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का मुख्य फोकस क्या है?

ईरान के अनुसार, वर्तमान बातचीत का मुख्य उद्देश्य पूरे क्षेत्र में चल रहे युद्ध को समाप्त करना है, जिसमें लेबनान का मुद्दा भी शामिल है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने 25 मई 2026 को बताया कि परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर इस चरण में चर्चा नहीं की जा रही है। परमाणु मुद्दे पर बातचीत तभी शुरू होगी जब क्षेत्रीय युद्ध को समाप्त करने के लिए तैयार किए जा रहे ढांचे पर दोनों देशों के बीच समझौता हो जाएगा। ईरान ने अमेरिका पर बातचीत के दौरान बार-बार अपना रुख बदलने और टालमटोल करने का आरोप लगाया है।

समझौते को लेकर अमेरिका और इजराइल का क्या है स्टैंड?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने वार्ताकारों को सलाह दी है कि वे समझौते के लिए जल्दबाजी न करें क्योंकि समय उनके पक्ष में है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि जब तक ईरान समृद्ध यूरेनियम का ट्रांसफर शुरू नहीं करता, तब तक उसे प्रतिबंधों से कोई राहत या फ्रीज किए गए फंड नहीं मिलेंगे। वहीं, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से चर्चा कर कहा है कि किसी भी अंतिम समझौते में ईरान के परमाणु खतरे को पूरी तरह से खत्म किया जाना चाहिए, जिसमें उसके संवर्धन केंद्रों को नष्ट करना शामिल है।

बातचीत से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बिंदु और शर्तें

  • फ्रीज किए गए फंड: ईरान समझौते से पहले अपनी कुछ फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करने की मांग पर अड़ा है।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौवहन सेवाओं के लिए शुल्क वसूलने की योजना बना रहा है।
  • मध्यस्थ देश: इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि चीन ने क्षेत्र में शांति के इन प्रयासों का समर्थन किया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते पर सहमति बन गई है?

नहीं, अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। ईरान का कहना है कि परमाणु मुद्दे पर चर्चा क्षेत्रीय युद्ध को समाप्त करने का ढांचा तैयार होने के बाद ही अलग से शुरू की जाएगी।

अमेरिका ने प्रतिबंध हटाने और फंड जारी करने को लेकर क्या शर्त रखी है?

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ईरान को प्रतिबंधों से राहत या उसके फ्रीज किए गए फंड तब तक वापस नहीं मिलेंगे जब तक वह अपने समृद्ध यूरेनियम को ट्रांसफर करना शुरू नहीं कर देता।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com