ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत एक बार फिर मुश्किल में पड़ती दिख रही है। ईरान का कहना है कि अमेरिका बार-बार अपनी मांगें बदल रहा है, जिसके कारण बातचीत लंबी खिंच रही है। ईरान के बड़े अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि वे अमेरिका के वादों पर भरोसा नहीं करते और उन्हें जमीनी स्तर पर ठोस नतीजे चाहिए। इसी बीच दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव भी काफी बढ़ गया है जिससे स्थिति और नाजुक हो गई है।

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने क्या कहा?

ईरान के संसद अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने 1 जून 2026 को बयान दिया कि तेहरान अमेरिका के साथ किसी भी ऐसे समझौते को स्वीकार नहीं करेगा जो ईरानी लोगों के अधिकारों की गारंटी नहीं देता। उन्होंने कहा कि ईरान अब किसी के वादों पर भरोसा नहीं करेगा। ईरान का मानना है कि पहले जमीनी स्तर पर नतीजे दिखने चाहिए, उसके बाद ही ईरान अपनी तरफ से कदम उठाएगा। कलीबाफ को हाल ही में 31 मई को फिर से संसद अध्यक्ष चुना गया है।

बढ़ता सैन्य तनाव और अमेरिकी ड्रोन का गिराया जाना

इस बातचीत के बीच दोनों देशों के बीच सैन्य मोर्चे पर भी तनाव बढ़ गया है। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ईरानी जल क्षेत्र के ऊपर एक अमेरिकी MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन को मार गिराया है। इसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के रडार और कमांड सेंटरों पर हमले किए। खबर है कि इसके बाद ईरानी बलों ने भी उस बेस पर जवाबी गोलाबारी की जहां अमेरिकी सैनिक मौजूद थे।

ईरानी विदेश मंत्रालय का रुख और संदेशों का आदान-प्रदान

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने 30 मई 2026 को बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच संदेशों का आदान-प्रदान तो जारी है, लेकिन अभी तक किसी अंतिम समझौते पर सहमति नहीं बनी है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि ईरान अब किसी की धौंस या दबाव वाली भाषा को स्वीकार नहीं करेगा। मई के आखिरी हफ्ते से ही ईरान लगातार आरोप लगा रहा है कि अमेरिका बातचीत के दौरान बार-बार नए मुद्दे उठा रहा है जिससे मामला सुलझ नहीं पा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में देरी क्यों हो रही है?

ईरान का आरोप है कि अमेरिका बातचीत के दौरान अपनी मांगों को लगातार बदल रहा है और नए प्रस्ताव रख रहा है, जिससे कोई अंतिम सहमति नहीं बन पा रही है।

सैन्य मोर्चे पर दोनों देशों के बीच क्या ताजा घटना हुई है?

ईरान की सेना ने अमेरिकी MQ-1 प्रीडेटर ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने भी ईरानी रडार और सैन्य ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है।