ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत में एक नया मोड़ आया है. ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबफ ने बताया कि अब दोनों देशों की टीमें एक-दूसरे के नजरिए को बेहतर तरीके से समझ रही हैं. यह जानकारी इस्लामाबाद में हुई बातचीत के बाद सामने आई है, हालांकि अभी भी कई बड़े मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है.

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ईरान और अमेरिका की बातचीत में क्या हुआ

दोनों देशों के बीच हुई बातचीत में कुछ हद तक प्रगति हुई है और एक ‘वास्तविक समझ’ बनी है. ईरान ने साफ तौर पर कहा है कि वह अमेरिका को कोई यूरेनियम नहीं भेजेगा. लेबनान में युद्ध रोकने की शर्त को अमेरिका ने मान लिया है, जिसके बाद बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ी. लेकिन दोनों देशों के बीच भरोसे की भारी कमी है, जिसकी वजह से कोई अंतिम समझौता अभी नहीं हो पाया है.

किन मुद्दों पर अब भी फँसी है बात

यूरेनियम बनाने की समय सीमा को लेकर बड़ा विवाद है. अमेरिका चाहता है कि ईरान 20 साल तक यूरेनियम बनाना बंद करे, जबकि ईरान सिर्फ 3 से 5 साल का समय दे रहा है. इसके अलावा, ईरान ने मांग की है कि अमेरिका और इसराइल भविष्य में उस पर हमला नहीं करेंगे, इसकी लिखित गारंटी दी जाए. साथ ही, जमी हुई संपत्तियों को वापस पाने और होर्मुज जलडमरूमध्य के कंट्रोल को लेकर भी तनाव बना हुआ है.

बातचीत से जुड़ी अहम जानकारियां

विवरण जानकारी
मुख्य बयान की तारीख 19 अप्रैल 2026
मध्यस्थ देश पाकिस्तान (इस्लामाबाद)
सीजफायर की तारीख 8 अप्रैल 2026
अमेरिकी प्रतिनिधि JD Vance, Steve Witkoff और Jared Kushner
ईरानी प्रतिनिधि मोहम्मद बाकर गालिबफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी
मुख्य विवाद परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य
अगली बैठक की तारीख अभी तय नहीं हुई है
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com