Iran US Talks: अमेरिका के साथ बातचीत पर ईरान ने साफ़ किया रुख, कहा अभी कोई प्लान नहीं है
ईरान और अमेरिका के बीच रिश्तों में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे बड़े मुद्दों पर दोनों देशों के बीच कोई सहमति नहीं बन पा रही है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ़ कह दिया है कि फिलहाल अमेरिका के साथ किसी नई बातचीत की कोई योजना नहीं है और इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
बातचीत में आखिर क्या अड़चनें हैं?
ईरान और अमेरिका के बीच सबसे बड़ा विवाद यूरेनियम संवर्धन को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि ईरान 20 साल तक यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाए, लेकिन ईरान केवल 5 साल के समझौते पर विचार करने को तैयार है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका पर दोषारोपण का खेल खेलने का आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि जब तक बातचीत का कोई ठोस ढांचा और एजेंडा तय नहीं होता, तब तक किसी तारीख का फैसला नहीं किया जाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य और अन्य विवाद क्या हैं?
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बहुत बढ़ गया है। ईरान ने इसे दोबारा बंद करने की घोषणा की है, क्योंकि उसका आरोप है कि अमेरिका ने अपनी नाकेबंदी नहीं हटाई है। वहीं, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस दावे को भी ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि ईरान अपना संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंपने के लिए तैयार है। ईरान का कहना है कि उसका परमाणु पदार्थ किसी भी हाल में देश से बाहर नहीं जाएगा।
ईरान और अमेरिका विवाद की मुख्य बातें
| मुद्दा | विवरण |
|---|---|
| बातचीत की स्थिति | फिलहाल कोई योजना नहीं है |
| यूरेनियम संवर्धन | अमेरिका 20 साल और ईरान 5 साल की रोक चाहता है |
| पिछली वार्ता | इस्लामाबाद में हुई 21 घंटे की बातचीत बेनतीजा रही |
| होर्मुज जलडमरूमध्य | नाकेबंदी के कारण तनाव और बंद करने की घोषणा |
| ट्रम्प का दावा | यूरेनियम सौंपने की बात को ईरान ने नकारा |
| ईरान की मांग | बातचीत के लिए ठोस ढांचे और एजेंडे की जरूरत |
| मुख्य आरोप | अमेरिका पर कूटनीति के प्रति गंभीर न होने का आरोप |