अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में ईरान का एक कार्गो जहाज जब्त कर लिया है। इस घटना के बाद ईरान ने साफ कह दिया है कि वह अब अमेरिका के साथ दोबारा बातचीत नहीं करेगा। दोनों देशों के बीच पहले से चल रहा युद्धविराम भी जल्द ही खत्म होने वाला है।

अमेरिका ने कैसे जब्त किया ईरान का जहाज?

19 अप्रैल 2026 को अमेरिकी सेना ने ‘तौस्का’ (Touska) नाम के ईरानी कार्गो जहाज को ओमान की खाड़ी में पकड़ा। अमेरिकी युद्धपोत USS Spruance ने जहाज को रुकने के लिए कहा, लेकिन जब वह नहीं रुका तो उसके इंजन रूम को खराब कर दिया गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पुष्टि की कि अमेरिकी मरीन ने अब इस जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है। यह जहाज IRISL कंपनी का था जिस पर पहले से प्रतिबंध लगे हुए हैं।

ईरान ने बातचीत से क्यों किया इनकार?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाए ने सोमवार को कहा कि ईरान का फिलहाल अमेरिका के साथ बातचीत करने का कोई प्लान नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका कूटनीति को लेकर गंभीर नहीं है और लगातार आक्रामक हरकतें कर रहा है। ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम की शर्तों को तोड़ने और नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखने का आरोप लगाया है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी मांगें अव्यावहारिक हैं और वह किसी भी दबाव में नहीं आएगा।

आने वाले दिनों में क्या हो सकता है?

अमेरिका की बातचीत टीम, जिसमें जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल हैं, पाकिस्तान जाने की तैयारी में थी। वहीं, ईरान की सैन्य कमांड ‘खतम अल-अनबिया’ ने इस कार्रवाई को समुद्री डकैती बताया है और जल्द ही जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। चीन ने भी दोनों पक्षों से युद्धविराम बनाए रखने की अपील की है।

तारीख मुख्य घटना
13 अप्रैल 2026 अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी की
19 अप्रैल 2026 तौस्का कार्गो शिप को अमेरिकी सेना ने जब्त किया
20 अप्रैल 2026 ईरान ने दोबारा बातचीत करने से मना किया
22 अप्रैल 2026 अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समाप्त होगा
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.