ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, पोर्ट्स की नाकाबंदी को बताया युद्ध की तैयारी, जहाज जब्त करने पर मचा बवाल
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। ईरान के विदेश मंत्री ने साफ़ कहा है कि उनके बंदरगाहों की नाकाबंदी करना युद्ध की शुरुआत जैसा है। यह सब तब हुआ जब अमेरिका ने ईरान के एक कमर्शियल जहाज को जब्त कर लिया, जिससे अब युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।
M/V Touska जहाज को लेकर क्या है पूरा विवाद?
19 अप्रैल 2026 को अमेरिकी नौसेना ने ईरान के कमर्शियल जहाज M/V Touska को पकड़ लिया। अमेरिका का कहना है कि यह जहाज उनकी नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था। खबर है कि इस जहाज में चीन से ईरान के लिए कुछ ऐसा सामान था जिसे सेना में इस्तेमाल किया जा सकता था। ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और समुद्री डकैती बताया है और अपने जहाज व चालक दल को तुरंत छोड़ने की मांग की है।
सीजफायर खत्म होने वाला है, अब क्या होगा?
अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल से युद्धविराम (ceasefire) चल रहा है, जो 22 अप्रैल को खत्म हो जाएगा। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि ईरान ने कई बार इस समझौते को तोड़ा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर बुधवार तक कोई डील नहीं हुई, तो वह फिर से बमबारी शुरू कर सकते हैं। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने इसे अमेरिका की दादागिरी बताया है और कहा कि ईरान अपने हितों की रक्षा करना जानता है।
क्या इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता होगी?
दोनों देशों के बीच इस्लामाबाद में शांति बातचीत होनी थी, लेकिन अब इसमें अनिश्चितता है। अमेरिकी टीम के वहां पहुंचने में देरी हो रही है और ईरान ने अभी तक अपनी मौजूदगी की पुष्टि नहीं की है। ईरान के सैन्य मुख्यालय Khatam ol Anbia के कमांडर ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने समझौते का उल्लंघन किया, तो उसका जवाब बहुत सख्त होगा।