ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालीबाफ ने अमेरिका को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि उनकी सेना जमीन पर अमेरिकी सैनिकों के आने का इंतजार कर रही है। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, गालीबाफ ने कहा कि ईरानी सेना अमेरिकी सैनिकों और उनके क्षेत्रीय सहयोगियों को सबक सिखाने के लिए तैयार खड़ी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब खाड़ी के कई देशों में पिछले 24 घंटों के दौरान हमले हुए हैं। इस तनावपूर्ण स्थिति का असर सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन में रहने वाले लाखों भारतीयों और अन्य प्रवासियों पर पड़ सकता है क्योंकि इन क्षेत्रों में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है।

खाड़ी देशों में पिछले 24 घंटों में क्या हुआ?

क्षेत्र में बिगड़ते हालात को इन घटनाओं से समझा जा सकता है जो पिछले एक दिन में दर्ज की गई हैं। सऊदी अरब से लेकर ओमान तक कई जगहों पर हमले हुए हैं जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:

  • सऊदी अरब: ईरान ने सऊदी में एक सैन्य बेस पर हमला किया जिसमें करीब एक दर्जन अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। सऊदी सेना ने 10 ड्रोन मार गिराए हैं।
  • कुवैत और ओमान: कुवैत के हवाई अड्डे और ओमान के एक बंदरगाह को निशाना बनाया गया है जिससे वहां की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
  • बहरीन: बहरीन में एक बड़े एल्युमीनियम संयंत्र पर ईरानी हमला हुआ है जिसमें दो कर्मचारी घायल हुए हैं।
  • यमन और इजरायल: यमन के हूती विद्रोहियों ने इजरायल की ओर मिसाइल दागी जिसे हवा में ही नष्ट कर दिया गया।

ईरान की नई धमकियां और अमेरिका की तैयारी क्या है?

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने रविवार को एक नया अल्टीमेटम जारी किया है जिसमें सोमवार दोपहर तक का समय दिया गया है। ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरानी विश्वविद्यालयों पर बमबारी की निंदा नहीं की तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और इजरायली शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाया जाएगा। इसके अलावा ईरान ने अमेरिकी अधिकारियों के निजी घरों को भी सैन्य लक्ष्य घोषित कर दिया है।

दूसरी तरफ अमेरिका ने अपनी ताकत बढ़ाते हुए USS Tripoli युद्धपोत को 3,500 नौसैनिकों के साथ मिडिल ईस्ट भेज दिया है जो शुक्रवार को वहां पहुंच चुका है। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने शांति प्रस्ताव के लिए अल्टीमेटम की तारीख को बढ़ाकर 6 अप्रैल 2026 कर दिया है ताकि कूटनीति के लिए थोड़ा और समय मिल सके। वर्तमान में पाकिस्तान में क्षेत्रीय शक्तियों की बैठक चल रही है ताकि इस युद्ध को रोका जा सके।

प्रवासियों और भारतीय समुदाय पर इसका क्या असर होगा?

खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए यह स्थिति काफी गंभीर है क्योंकि हमले हवाई अड्डों और औद्योगिक केंद्रों के पास हो रहे हैं। भारतीय दूतावास स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और प्रवासियों को सलाह दी जा रही है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों और सैन्य ठिकानों से दूर रहें। अगर तनाव और बढ़ता है तो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और तेल की कीमतों पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल पाकिस्तान के जरिए शांति वार्ता की कोशिशें जारी हैं लेकिन जमीन पर सेनाओं की तैनाती खतरे का संकेत दे रही है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.