Hormuz Strait को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच माहौल बहुत गरम हो गया है. पिछले 72 घंटों में पहले रास्ता खोला गया और फिर अचानक बंद कर दिया गया. इस बीच अमेरिका ने एक ईरानी जहाज़ को कब्ज़े में लिया और ईरान ने एक भारतीय टैंकर पर हमला किया. इस तनाव से पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई और समुद्री रास्तों पर असर पड़ सकता है.

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ईरान और अमेरिका के बीच क्या विवाद चल रहा है?

अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरान के पोर्ट्स की नाकाबंदी कर रखी है ताकि ईरान की तेल से होने वाली कमाई को रोका जा सके. जवाब में ईरान ने Hormuz Strait के रास्तों पर अपनी पकड़ मज़बूत कर ली है. 17 अप्रैल को ईरान ने रास्ता खोलने की बात कही थी, लेकिन 18 अप्रैल को फिर से इसे बंद कर दिया गया. ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिकी नाकाबंदी खत्म नहीं होगी, रास्ता बंद रहेगा.

किन जहाज़ों पर हमले हुए और क्या हुआ कब्ज़ा?

ईरान की IRGC बोट्स ने भारत के झंडे वाले टैंकर Sanmar Herald पर फायरिंग की, जिससे उसके ब्रिज के शीशे टूट गए. वहीं 20 अप्रैल को अमेरिकी नेवी के USS Spruance ने ईरानी कार्गो शिप Touska को रोका. जब क्रू ने रुकने से मना किया, तो अमेरिकी जहाज़ ने उसके इंजन रूम पर हमला कर उसे डिसेबल कर दिया और US Marines ने उसे कब्ज़े में ले लिया. ईरान ने इसे समुद्री डकैती बताया है.

तारीख क्या हुआ मुख्य जानकारी
17 अप्रैल 2026 रास्ता खोलने का ऐलान ईरान ने कमर्शियल जहाज़ों के लिए रास्ता खोला लेकिन कड़ी शर्तें रखीं.
18 अप्रैल 2026 रास्ता फिर बंद अमेरिकी नाकाबंदी के विरोध में ईरान ने दोबारा पाबंदी लगा दी.
18 अप्रैल 2026 भारतीय टैंकर पर हमला Sanmar Herald पर IRGC ने फायरिंग की, जिससे जहाज़ को नुकसान पहुँचा.
19 अप्रैल 2026 जहाज़ पर हमला अमेरिका ने ईरानी कार्गो शिप Touska को रोकने के लिए हमला किया.
20 अप्रैल 2026 जहाज़ पर कब्ज़ा US Marines ने Touska शिप को अपने कब्ज़े में ले लिया.
20 अप्रैल 2026 ईरान की चेतावनी ईरान ने इस कार्रवाई को समुद्री डकैती बताया और बदला लेने की बात कही.