पश्चिम एशिया में इस वक्त युद्ध और शांति के बीच एक बहुत ही पतली लकीर है. अमेरिका ने सीजफायर की अवधि तो बढ़ा दी है, लेकिन ईरान के तेवर अभी भी सख्त हैं. बीच में भारतीय जहाजों पर हुई फायरिंग की घटना ने भारत की नींद उड़ा दी थी, जिसे लेकर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है.

ईरान बातचीत के लिए क्या शर्तें मांग रहा है?

ईरानी राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहली ने कहा है कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन वह अपनी शर्तों पर ही बात करेगा. ईरान चाहता है कि विरोधी देश शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा इस्तेमाल के उसके हक को आधिकारिक तौर पर मानें. इसके साथ ही, अमेरिका को ईरान के खिलाफ हर तरह की सैन्य कार्रवाई रोकने का वादा करना होगा और देश को हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी. ईरान का कहना है कि जब तक होर्मुज जलडमरूमध्य से अमेरिकी नाकेबंदी खत्म नहीं होती, तब तक सीधी बातचीत संभव नहीं है.

भारतीय जहाजों पर फायरिंग का क्या मामला है?

18 अप्रैल 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की नौसेना ने दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग की और उन्हें वापस मोड़ दिया. इनमें से एक जहाज इराक से भारत तेल लेकर आ रहा था. भारत सरकार ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई और ईरानी राजदूत को तलब किया. भारतीय अधिकारियों का मानना है कि जहाजों को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया था, बल्कि यह क्षेत्र में चल रही चेतावनी फायरिंग का हिस्सा था. सरकार ने अब तक 2563 से ज्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है.

अभी वहां क्या स्थिति है और आगे क्या होगा?

फिलहाल पश्चिम एशिया में एक असहज ठहराव है. अमेरिका ने अपने तीसरे विमानवाहक पोत USS George HW Bush को क्षेत्र में तैनात किया है. वहीं, 23 अप्रैल को तेहरान में धमाकों और हवाई रक्षा गतिविधियों की खबरें आईं, जिससे तनाव और बढ़ गया है. ईरान का कहना है कि वह ऐसी शांति चाहता है जो लंबे समय तक टिके, न कि ऐसा सीजफायर जिससे दुश्मन फिर से संगठित होकर ताकत जुटा सके. भारत सरकार लगातार ईरान के संपर्क में है ताकि समुद्री रास्तों पर भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com